राजस्थान पांचना बांध विवाद: 74 गांवों के किसान आमने-सामने, रेल रोको आंदोलन की चेतावनी

Rajasthan Water War: राजस्थान के पांचना बांध का पानी एक बार फिर बड़े विवाद की वजह बन गया है, जहां 74 गांवों के किसान आमने-सामने आ गए हैं. हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद कमांड क्षेत्र के किसानों को पानी नहीं मिलने से आक्रोश है और 28 जून को रेल रोको आंदोलन की चेतावनी दी गई है. एक तरफ 39 गांवों के लोग पानी रोकने पर अड़े हैं, तो दूसरी तरफ 35 गांवों के किसान नहरों में पानी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं.

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Photo Credit: AI

Rajasthan Water War: पूर्वी राजस्थान के सबसे बड़े मिट्टी के बांध ‘पांचना बांध’ का पानी एक बार फिर भारी सामाजिक, राजनीतिक और कानूनी जंग का मैदान बन गया है. स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो चुकी है कि बांध के पानी को लेकर कुल 74 गांवों के किसान आमने-सामने खड़े हैं, जिससे राज्य सरकार की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं. यह पूरा विवाद अब आंदोलन, धरने और चक्काजाम के बाद आगामी 28 जून को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन तक पहुंच गया है.

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35 गांव नहर के पानी के लिए धरने पर

इस जल विवाद में दो पक्ष पूरी तरह अड़ गए हैं. एक तरफ डूब क्षेत्र के 39 गांवों के लोगों ने पांचना-गुडला संघर्ष समिति के नेतृत्व में बीते 16 मई से बांध पर दिन-रात का पहरा बिठाया हुआ है. उनका दावा है कि बांध निर्माण के दौरान उनकी उपजाऊ जमीनें डूब क्षेत्र में चली गईं, इसलिए पानी पर पहला हक उनका है. वहीं, दूसरी तरफ करौली और गंगापुर सिटी की सीमा पर स्थित खंडीप गांव में कमांड क्षेत्र के 35 गांवों के किसान पिछले दस दिनों से धरने पर बैठे हैं. इन किसानों का कहना है कि साल 1992 से 2005 तक उन्हें नहरों से नियमित पानी मिलता रहा है, इसलिए उनका कानूनी अधिकार नहीं छीना जा सकता.

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हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बेनतीजा रही सरकार

मई 2026 में राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पांचना बांध का पानी तुरंत कमांड क्षेत्र की नहरों में छोड़ा जाए. गौरतलब है कि पिछले 20 सालों में यह तीसरी बार है जब अदालत को इस विवाद में दखल देना पड़ा है. अदालत के सख्त आदेश के बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव को देखते हुए सरकार अब तक पानी छोड़ने में नाकाम रही है, जिससे किसान उग्र हो रहे हैं.

28 जून को ‘रेल रोको’ की चेतावनी

खंडीप में चल रहे इस किसान आंदोलन की कमान कांग्रेस विधायक रामकेश मीणा ने संभाल रखी है. विधायक मीणा का आरोप है कि हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश होने के बाद भी सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने 27 जून तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा, तो 28 जून को बड़े पैमाने पर ‘रेल रोको आंदोलन’ किया जाएगा. दोनों पक्षों की जिद और प्रशासनिक ढिलाई के चलते पांचना बांध का यह ‘वॉटर वॉर’ आने वाले दिनों में और गंभीर मोड़ ले सकता है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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