Rajasthan Assembly Budget 2023: राजस्थान विधानसभा में सोमवार से शुरु हुए बजट सत्र का पहला दिन काफी हंगामेदार रहा। विपक्ष के विरोध के चलते राज्यपाल अभिभाषण पूरा नहीं पढ़ पाए।
उसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। लेकिन जब कार्यवाही फिर शुरु हुई तो फिर से विपक्ष के विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। उसके बाद विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने आरएलपी पार्टी के तीनों विधायकों पूरे दिन के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया।
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बेनीवाल बोले- लोकतंत्र की व्यवस्था का अपमान
https://twitter.com/hanumanbeniwal/status/1617458760284536833?cxt=HHwWgoDU2YeLr_IsAAAA
आरएलपी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि आज पेपर लीक मामलों की सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर राजस्थान की विधानसभा में प्रदेश अध्यक्ष व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग, खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल व मेड़ता विधायक इंदिरा देवी बावरी लोकतांत्रिक रूप से प्रदर्शन करके राजस्थान के युवाओं की पीड़ा को आसन के समक्ष रख रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि, मगर सत्ता के इशारे पर आसन ने विधायकों को मार्शल बुलाकर बाहर निकाला और एक दिन के लिए निष्कासित किया। यह लोकतंत्र की व्यवस्था का अपमान है।
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बीजेपी पर साधा निशाना
https://twitter.com/hanumanbeniwal/status/1617420785446158337?cxt=HHwWgoDQjdHonfIsAAAA
एक तरफ विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी लोकतंत्र की व्यवस्था को सशक्त करने की बात करते हैं, दूसरी तरफ निष्पक्ष भूमिका निभाने के स्थान पर राज्य सरकार के इशारे से युवाओं की आवाज उठाने वाले आरएलपी विधायकों को सदन से निष्कासित करते हैं, उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मार्शल आरएलपी विधायकों को बाहर निकाल रहे थे तब बीजेपी के विधायक मुकदर्शक बनकर बैठे रहे।
जबकि पूर्व में कभी ऐसा कोई वाक्या सदन में होता था तो समूचा विपक्ष, विपक्ष के सभी विधायकों का संरक्षण करता आता रहा हैं, चाहे वो किसी भी दल से हों। बीजेपी पेपर लीक मामलों में सीबीआई जांच की मांग केवल औपचारिक रूप से कर रही है और अंदरखाने कांग्रेस के साथ है।
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उसके बाद सदन को स्थगित कर दिया गया। लेकिन जब कार्यवाही फिर शुरु हुई तो फिर से विपक्ष के विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। उसके बाद विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी ने आरएलपी पार्टी के तीनों विधायकों पूरे दिन के लिए सदन से निष्कासित कर दिया गया।
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बेनीवाल बोले- लोकतंत्र की व्यवस्था का अपमान
आरएलपी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने इस पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि आज पेपर लीक मामलों की सीबीआई से जांच करवाने की मांग को लेकर राजस्थान की विधानसभा में प्रदेश अध्यक्ष व भोपालगढ़ विधायक पुखराज गर्ग, खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल व मेड़ता विधायक इंदिरा देवी बावरी लोकतांत्रिक रूप से प्रदर्शन करके राजस्थान के युवाओं की पीड़ा को आसन के समक्ष रख रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि, मगर सत्ता के इशारे पर आसन ने विधायकों को मार्शल बुलाकर बाहर निकाला और एक दिन के लिए निष्कासित किया। यह लोकतंत्र की व्यवस्था का अपमान है।
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बीजेपी पर साधा निशाना
एक तरफ विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी लोकतंत्र की व्यवस्था को सशक्त करने की बात करते हैं, दूसरी तरफ निष्पक्ष भूमिका निभाने के स्थान पर राज्य सरकार के इशारे से युवाओं की आवाज उठाने वाले आरएलपी विधायकों को सदन से निष्कासित करते हैं, उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मार्शल आरएलपी विधायकों को बाहर निकाल रहे थे तब बीजेपी के विधायक मुकदर्शक बनकर बैठे रहे।
जबकि पूर्व में कभी ऐसा कोई वाक्या सदन में होता था तो समूचा विपक्ष, विपक्ष के सभी विधायकों का संरक्षण करता आता रहा हैं, चाहे वो किसी भी दल से हों। बीजेपी पेपर लीक मामलों में सीबीआई जांच की मांग केवल औपचारिक रूप से कर रही है और अंदरखाने कांग्रेस के साथ है।
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