BED Vs BSTC: राजस्थान में बीएड धारी अब नहीं बन सकेंगे प्राइमरी टीचर, सुप्रीम कोर्ट ने इस नोटिफिकेशन को किया रद्द

BED Vs BSTC Supreme court Decision
विज्ञापन

BED Vs BSTC: राजस्थान में बीएड-बीएसटीसी विवाद पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। कोर्ट ने इस मामले में बीएडधारियों को प्राथमिक वर्ग की शिक्षा के लिए अपात्र माना है। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और सुधांशु धूलिया की बैंच के इस फैसले से राजस्थान सरकार को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने इस फैसले के साथ ही राज्य सरकार की पाॅलिसी को भी हरी झंडी दी है।

सुप्रीम कोर्ट की डबल बैंच ने अपने फैसले में कहा कि राजस्थान में प्राइमरी टीचर्स की भर्ती में बीएड के युवा भाग नहीं ले सकेंगे। प्राथमिक वर्ग के लिए होने वाले शिक्षकों की भर्ती में केवल बीएसटीसी धारक युवा ही भाग ले सकेंगे। राजस्थान सरकार की ओर से इस मामले में वरिष्ठ वकील मनीष सिंघवी पक्ष रखा था। इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार के 30 मई 2018 के नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया।

विज्ञापन

एनसीटीई के नोटिफिकेशन के बाद शुरू हुआ था विवाद

बता दें कि 28 जून 2018 को एनसीटीई ने एक नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि प्राथमिक वर्ग यानी लेवल 1 के लिए बीएड डिग्रीधारी भी पात्र होंगे। नियुक्ति मिलने के 6 महीने बाद उन्हें एक ब्रिज कोर्स करना पड़ेगा। इस नोटिफिकेशन के बाद पूरे देश में विवाद हो गया। इसके चलते बीएसटीसी और बीएड धारी आमने-सामने आ गए और राजस्थान समेत पूरे देश में यह विवाद शुरु हो गया। इसके बाद हाईकोर्ट में नोटिफिकेशन के खिलाफ और पक्ष में कई याचिकाएं दायर की गई।

ये भी देखेंः

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ