बाढ़ के कारण होने वाले नुकसान को अधिकतम घटाने के लिए सरकार ने उठाया अहम कदम
Edited By Pooja Mishra

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Punjab Mann Govt Big Decision, चंडीगढ़: पंजाब में बाढ़ की वजह से हुए नुकसान को कम करने के लिए मान सरकार द्वारा एक अहम फैसला लिया है। सरकार द्वारा लिये गए इस फैसले के अनुसार, कुदरती जल स्रोतों के आसपास वाले ऐरिया में निर्माण का काम करने के लिए ड्रेनेज विंग से मंजूरी लेनी अनिवार्य होगा। जानकारी के अनुसार, अब पंजाब के सभी ड्रेन, नदी और चोअ के 150 मीटर के अंदर होने वाले किसी भी प्रोजैक्ट के लिए ड्रेनेज विंग की मंजूरी अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार द्वारा ये जानकारी एक प्रैस रिलीज में दी गई है। इस प्रैस नोट में जल स्रोत मंत्री गुरमीत सिंह मीत हेयर ने कहा कि पंजाब में पीछले दिनों आए बाढ़ के दौरान यह देखा गया है कि चोअ, ड्रेन और नदियों के किनारों पर बने घरों की वजह से बाढ़ के पानी को बहाने में काफी रुकावट आ रही थी। इसकी वजह से सार्वजनिक संपत्ति और निजी बुनियादी ढांचे का नुकसान हुआ है। इसलिए सरकार ने ये फैसला लिया है कि अब से ड्रेन, नदी और चोअ के किनारे से 150 मीटर के अंदर में होने किसी भी प्रोजेक्ट के लिए ड्रेनेज विंग से NOC लेना अनिवार्य होगा।
प्रैस रिलीज में जल स्रोत मंत्री ने आगे कहा कि इससे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इसकी प्रक्रिया को लोगों के लिए काफी सुविधाजनक बनाने के लिए कहा गया है। इस विषय पर समर्थ अथॉरिटी काम कर रही हैं। ताकी किसी कम्पनी/ एजेंसी को प्रोजैक्ट शुरू करने के लिए NOC के लिए किसी भी तरह की परेशानी का समना न करना पड़े। वहीं, ऐसे एरिया में 2 से लेकर 25 एकड़ तक के क्षेत्रफल के लिए चीफ इंजीनियर की मंजूरी की जरूरत होगी, तो वहीं 25 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के लिए राज्य सरकार से मंजूरी लेना जरूरी है।
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