पंजाब से बड़ी खबर सामने आई है। पुलिस ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंढेर को हिरासत में ले लिया है। मोहाली पुलिस ने उनको धरना स्थलों पर जाते समय हिरासत में लिया। सूत्रों के मुताबिक सरवन सिंह पंढेर को जीरकपुर के रास्ते में डिटेन किया गया। वे शंभू बॉर्डर जा रहे थे। इसी तरह जगजीत सिंह डल्लेवाल को एंबुलेंस में डिटेन किया गया है। वे खनौरी बॉर्डर जा रहे थे। उनको चंडीगढ़ के अस्पताल में ले जाया जा सकता है। पंढेर एक बस के जरिए शंभू बॉर्डर पर चल रहे किसानों के धरने में जा रहे थे। सरकार ने शंभू बॉर्डर को खाली करवाना शुरू कर दिया है। कई किसानों को हिरासत में लिया गया है।
बस को पुलिस ने घेर लिया और इसके बाद सभी को हिरासत में ले लिया गया। बताया जा रहा है कि किसान नेताओं की कुछ देर पहले चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों के साथ मीटिंग हुई थी। मीटिंग के बाद दोनों नेता लौट रहे थे कि मोहाली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके अलावा किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़, काका कोटरा और अन्य को भी पंजाब पुलिस ने मोहाली में हिरासत में ले लिया है।
बता दें कि फसलों की एमएसपी की कानूनी गारंटी को लेकर पंजाब के शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब पुलिस ने अभी इस मामले में कुछ भी नहीं बताया है। सूत्रों के अनुसार जिन किसान नेताओं को हिरासत में लिया गया है, पुलिस उन्हें लेकर बनूड़ पुलिस लाइन गई है।
मोहाली के बनूड़ पुलिस थाने के नजदीक बड़ी संख्या में फोर्स तैनात की गई है। किसान नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद किसानों और पुलिस के बीच धक्कामुक्की भी हुई। सूत्रों के मुताबिक किसानों की तरफ से शंभू बॉर्डर पर लगे धरने को उठाया जा सकता है।
केंद्र के साथ हो चुकी 7 दौर की बातचीत
एमएसपी और दूसरी मांगों को लेकर किसानों और केंद्र सरकार में 7 बार बातचीत हो चुकी है, लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकला। हिरासत की खबर जैसे ही शंभू बॉर्डर पर पहुंची तो किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। बॉर्डर पर किसानों ने रास्ता रोक दिया है। इलाके में बड़ी संख्या में फोर्स तैनात है।
सूत्रों के मुताबिक सरवन सिंह पंढेर और बाकी किसान नेताओं को बहादुरगढ़ कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में लाया गया है। आम आदमी पार्टी के सांसद बलविंदर सिंह कंग ने किसानों से बॉर्डर खाली करने की अपील की है। कंग ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के साथ खड़ी है, लेकिन पंजाब के बॉर्डर बंद होने से आर्थिक नुकसान हो रहा है।
सूत्रों के मुताबिक किसानों की मीटिंग में पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों ने रास्ता खोलने की अपील की थी। लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार के नुमाइंदों ने कहा कि रास्ता खोल दें। लेकिन किसानों ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद अब किसानों ने फिर ऐलान किया है कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक मोर्चा जारी रहेगा।