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नासिक में गहराया जल संकट, बारिश की बेरुखी से 175 गांव प्यासे, प्रशासन ने पानी के टैंकरों से संभाला मोर्चा

प्रशासन ने प्रभावित गांवों में पानी की सप्लाई को मैनेज करने के लिए हर तालुका में टीमें तैनात की हैं. ये टीमें टैंकर ड्राइवरों पर भी नजर रख रही हैं ताकि कीमतें न बढ़ाई जाएं और जिला कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पढ़िये मंगल भारत घनदाट की खास रिपोर्ट.

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महाराष्ट्र के नासिक में जून में अब तक बारिश न होने के कारण नासिक में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है. अभी लगभग 175 गांवों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है. पश्चिमी इलाके में पानी की कमी को देखते हुए, नासिक के जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकारों के निर्देशों के अनुसार नागरिकों से पानी बचाने की अपील की है.

प्रशासन ने प्रभावित गांवों में पानी की सप्लाई को मैनेज करने के लिए हर तालुका में टीमें तैनात की हैं. ये टीमें टैंकर ड्राइवरों पर भी नजर रख रही हैं ताकि कीमतें न बढ़ाई जाएं और जिला कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: Monsoon Late Reason: क्यों लेट हुआ मानसून, कब तक होगा एक्टिव? दिल्ली UP में बारिश कब?

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बारिश आने तक फसल न बोएं किसान


किसानों को सलाह दी गई है कि वे बारिश आने तक फसल न बोएं, क्योंकि सिंचाई के लिए बहुत ज़्यादा पानी की जरूरत होती है. अभी बुवाई न करने से पानी के 70 प्रतिशत संसाधनों को बचाया जा सकता है. जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने लोगों से पानी का इस्तेमाल कम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि मवेशियों को पानी की कमी न हो.

महाराष्ट्र में समान्य से कम हुई बारिश


गौरतलब है कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से जून के महीने में बारिश का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र में मानसून के अचानक थमने के कारण देश भर के वर्षा आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से 18 जून के बीच पूरे देश में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है. मौसम के इस बदले मिजाज और पानी की कमी ने देश के किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ सकता है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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