महाराष्ट्र के नासिक में जून में अब तक बारिश न होने के कारण नासिक में पानी का गंभीर संकट पैदा हो गया है. अभी लगभग 175 गांवों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाया जा रहा है. पश्चिमी इलाके में पानी की कमी को देखते हुए, नासिक के जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने केंद्र और राज्य सरकारों के निर्देशों के अनुसार नागरिकों से पानी बचाने की अपील की है.

प्रशासन ने प्रभावित गांवों में पानी की सप्लाई को मैनेज करने के लिए हर तालुका में टीमें तैनात की हैं. ये टीमें टैंकर ड्राइवरों पर भी नजर रख रही हैं ताकि कीमतें न बढ़ाई जाएं और जिला कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

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बारिश आने तक फसल न बोएं किसान


किसानों को सलाह दी गई है कि वे बारिश आने तक फसल न बोएं, क्योंकि सिंचाई के लिए बहुत ज़्यादा पानी की जरूरत होती है. अभी बुवाई न करने से पानी के 70 प्रतिशत संसाधनों को बचाया जा सकता है. जिला कलेक्टर आयुष प्रसाद ने लोगों से पानी का इस्तेमाल कम करने और यह सुनिश्चित करने की अपील की है कि मवेशियों को पानी की कमी न हो.

महाराष्ट्र में समान्य से कम हुई बारिश


गौरतलब है कि देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने से जून के महीने में बारिश का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. महाराष्ट्र में मानसून के अचानक थमने के कारण देश भर के वर्षा आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 4 जून से 18 जून के बीच पूरे देश में सामान्य से 41 प्रतिशत कम बारिश हुई है. मौसम के इस बदले मिजाज और पानी की कमी ने देश के किसानों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि इसका सीधा असर खरीफ फसलों की बुआई पर पड़ सकता है.

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