'हनुमान की गदा काम न आई, इसलिए उन्हें महाराष्ट्र में औरंगजेब की जरूरत', मुखपत्र के जरिए उद्धव गुट का भाजपा पर हमला
Edited By Om Pratap

शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे | फाइल फोटो
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शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे | फाइल फोटो
Maharashtra Politics: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पार्टी के मुखपत्र सामना ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके लिए महाराष्ट्र की राजनीति में औरंगजेब एक नया हथियार बन गया है। शिवसेना उद्धव गुट के मुखपत्र सामना के संपादकीय में कहा गया है कि भाजपा पिछले महीने कर्नाटक में भगवान हनुमान की गदा लहराने के बावजूद विधानसभा चुनाव हार गई और इसलिए भाजपा को अब महाराष्ट्र में औरंगजेब की जरूरत है।
सामना में कहा गया कि महाराष्ट्र में औरंगजेब भाजपा के लिए एक नया राजनीतिक हथियार बन गया है। लेकिन यह हिंदुत्व को विनाश के रास्ते पर ले जाने जैसा है। बता दें कि बुधवार को कोल्हापुर में दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया गया था। आरोप था कि एक समुदाय विशेष के कुछ लोगों की ओर से सोशल मीडिया स्टेटस पर आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप के साथ मैसूर के शासक टीपू सुल्तान की तस्वीर का उपयोग किया गया था।
सामना ने अपने संपादकीय में कहा, “कुछ राजनीतिक दल औरंगजेब को 400 से अधिक वर्षों से दफन किए जाने के बावजूद वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।” पहले किसी ने अहमदनगर में औरंगजेब की तस्वीर दिखाई और फिर किसी ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। यह पूरे राज्य में दंगे भड़काने के लिए सोची समझी चाल थी। कोल्हापुर और अहमदनगर दोनों का सामाजिक और राजनीतिक संबंध है।
राज्य में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए संपादकीय में कहा गया है कि बेजान सरकार को औरंगज़ेब मुद्दे को उठाए बिना जीवन नहीं मिलेगा। एकनाथ शिंदे गुट के एक नेता ने कहा था कि वह औरंगाबाद की कब्र को हटाने के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र को लिखेंगे। राज्य सरकार को कमजोर करार देते हुए और यह दावा करते हुए कि यह जल्द ही गिर जाएगी और औरंगजेब का सहारा लेना महंगा साबित होगा।
बता दें कि कोल्हापुर में हिंसक विरोध के कुछ दिनों बाद शुक्रवार को कोल्हापुर में इंटरनेट बहाल होने की उम्मीद है। कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) महिंद्रा पंडित ने कहा कि दंगे में कथित रूप से शामिल 51 लोगों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। उनमें से 44 को जमानत दे दी गई, जबकि छह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और एक को पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। एसपी ने कहा कि बुधवार के विरोध प्रदर्शन में अन्य लोगों की संलिप्तता का पता लगाने के लिए पुलिस विभिन्न सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
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