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मुंबई

सौगात-ए-वोट, दिशा सालियान, ईद नमाज…पढ़ें 9 मुद्दों पर संजय निरुपम की तीखी प्रतिक्रिया

एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने मांग की कि यूपी की तर्ज पर मुसलमानों को ईद की नमाज सड़क पर पढ़ने से रोकने के लिए आदेश जारी किया जाए। इसके अलावा कई मुद्दों पर चर्चा की।

Author Reported By : Vinod Jagdale Edited By : Deepti Sharma Updated: Mar 28, 2025 14:43
संजय निरुपम
संजय निरुपम

एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मांग की कि यूपी की तर्ज पर मुसलमानों को ईद की नमाज सड़क पर पढ़ने से रोकने के लिए आदेश जारी किया जाए। संजय निरुपम ने कहा कि मस्जिद या ईदगाह पर नमाज पढ़ने के लिए गाइडलाइन जारी हो जिस तरह यूपी में प्रशासन ने फैसला लिया है वैसा निर्णय महाराष्ट्र सरकार भी ले। इस दौरान उन्होंने दिशा सालियान की मौत के मामले पर भी बात की। उद्धव ठाकरे और उनकी पार्टी ने अभी तक जनता के फैसले को स्वीकार नहीं किया है। जिस तरह से वे हम पर आरोप लगा रहे हैं, वह जनता का अपमान है।

बची हुई शिवसेना ने हमारी असली शिवसेना को गद्दार कहा है, लेकिन संजय राऊत को यह स्वीकार करना चाहिए कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में एनसीपी, शिवसेना और बीजेपी को जनता का अपार आशीर्वाद मिला और यह एक ऐतिहासिक जीत थी। मैं बताना चाहता हूं कि महाराष्ट्र चुनाव में उनका ‘पानीपत’ कैसे हुआ और हम कैसे जीते, इसका सबूत हमारे पास है। उद्धव की पार्टी ने 95 सीटों पर चुनाव लड़ा और शिवसेना ने 87 सीटों पर, जिसमें वे केवल 20 सीटें जीत पाए, जबकि हमने 87 में से 57 सीटें जीतीं और हमारे समर्थन से तीन निर्दलीय भी जीते।

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हमारी सफलता दर 70.37% रही, जबकि उनकी स्ट्राइक रेट 21.05% थी। लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने 21 सीटों पर चुनाव लड़ा और 9 सीटें जीतीं, जिससे उनकी स्ट्राइक रेट 42.85% रही। हमने 15 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से हमारे 7 सांसद जीते और हमारी स्ट्राइक रेट 46.03% रही। असली शिवसेना वही है जो एकनाथ शिंदे जी के नेतृत्व में है। वे मुख्यमंत्री थे और उनकी अगुवाई में महायुति सरकार ने बेहतरीन काम किया। उन्होंने चुनाव लड़ा और महाराष्ट्र की जनता ने महायुति को फिर से चुना।

महाराष्ट्र के वोटरों पर क्या बोले 

उद्धव ठाकरे को जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए। 2024 के अंत में चुनाव के नतीजे देखिए। वही यह साफ कर देंगे कि असली शिवसेना कौन है। जिस दिन आपने कांग्रेस के साथ गठबंधन किया, उस दिन ये सिद्ध कर दिया कि उद्धव ठाकरे बालासाहेब के विचारों के वारिस नहीं हैं। उद्धव ठाकरे और संजय राउत ने कहा कि सरकार में गधे बैठे हैं। ऐसे बयान उन्हें देना बंद कर देना चाहिए। ये लोगों का अपमान है। जनता के वोटों का अपमान है। ऐसा कहने पर आने वाले समय में जनता इनकी बची-कुची पार्टी भी खत्म कर देगी।

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सड़क पर पढ़ी नमाज तो रद्द होंगे पासपोर्ट और हथियारों के लाइसेंस

मैं मुस्लिम भाइयों से अपील करूंगा कि ईद एक बहुत पवित्र त्योहार है। ईद के दिन नमाज़ सड़क पर नहीं, ईदगाह या मस्जिद में पढ़ी जानी चाहिए। माहौल खराब करने के लिए सड़क पर नमाज़ न पढ़ें। शांति और प्रेम के साथ अपनी मस्जिद में नमाज़ अदा करें।

सलमान खान की घड़ी पर बयान

सलमान खान ने जो घड़ी पहनी है, जिसमें अयोध्या के राम मंदिर और हनुमान जी का चित्र है, मैं उसका स्वागत करता हूं। मैं उन लोगों से पूछना चाहता हूं जो इसका विरोध कर रहे हैं कि अगर उस घड़ी पर कुतुब मीनार या ताजमहल होता, तो क्या वे इसका विरोध करते? जो लोग इस पर ऐतराज जता रहे हैं, वे संकीर्ण सोच के लोग हैं। मैंने कभी यह नहीं सुना कि सलमान खान की किसी फिल्म को बॉयकॉट करने की बात की गई हो।

मांस बिक्री पर क्या बोले

मैं मांस बेचने वालों से अपील करूंगा कि वे नवरात्रि के 9 दिनों तक अपनी दुकानें बंद रखें। सिर्फ अंधेरी ईस्ट में ही करीब 250 दुकानें हैं, जहां शावरमा काटकर बेचा जाता है। मैं MIDC पुलिस स्टेशन जाऊंगा और वहां मैं और मेरे कार्यकर्ता अपील करेंगे कि नवरात्रि के 9 दिनों तक बिल्कुल भी मांस या शावरमा न बेचा जाए। बनारस की तरह ही मुंबई में भी नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानों को 9 दिन बंद रखा जाना चाहिए।

दिशा सालियान केस पर संजय राउत के बयान

क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि दिशा सालियान कर्ज में थीं और उनके पिता पर आरोप लगाए गए हैं। लेकिन संजय राउत ने कहा है कि किसी ने क्लोज़र रिपोर्ट पढ़ी ही नहीं है। वे दिशा के पिता का अपमान कर रहे हैं, यही इनका चरित्र है। मुंबई पुलिस को क्लोज़र रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए। तब उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री थे, मालवणी पुलिस ने दबाव में आकर गलत बयान दिए और दिशा के परिवार को बदनाम किया। क्या यह सब एक साजिश थी?

उद्धव ठाकरे के ‘सौगात ए वोट’ बयान

हिंदुत्व कभी भी मुसलमानों के खिलाफ नहीं था। हमारी सोच सिर्फ उन मुसलमानों के खिलाफ है जो देश के विरोधी हैं, जिहादी मानसिकता रखते हैं। पाकिस्तान का झंडा लहराते हैं और भारत में रहकर भी पाकिस्तान की विचारधारा का समर्थन करते हैं। जो मुसलमान भारत से प्रेम करते हैं, अगर ‘सौगात ए मोदी’ उनके लिए भेजी जा रही है, तो किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। सिर्फ वही लोग इसका विरोध कर रहे हैं जो मुस्लिम वोट बैंक पर टिके हुए हैं। मेरा मानना है कि सभी नेताओं को इस आउटरीच कार्यक्रम का स्वागत करना चाहिए, इससे हिंदू-मुस्लिम संबंध मजबूत होंगे।

कर्नाटक में दूध के दाम 4 रुपये बढ़ने पर

कर्नाटक सरकार, अगर आप नंदिनी को बचाना चाहते हैं, तो कर्नाटक की जनता के बारे में भी सोचिए। ऐसे पैसे नहीं बढ़ाने चाहिए। अभी रमज़ान का समय चल रहा है और नवरात्रि आने वाली है। सरकार को दूध के दाम कम करने चाहिए या फिर यह फैसला वापस लेना चाहिए।

RSS के 100 साल पूरे

किसी भी संगठन का 100 साल पूरा करना कोई छोटी बात नहीं होती। मैं RSS कार्यकर्ताओं को बधाई देना चाहता हूं कि वे अपनी इस बड़ी यात्रा को जारी रखे हुए हैं। 1925 में डॉ. हेडगेवार ने संघ की स्थापना की थी और 2025 में वे इसका शताब्दी समारोह मना रहे हैं, जिसका उन्हें पूरा अधिकार है। प्रधानमंत्री मोदी संघ के प्रचारक रहे हैं, और उनका इस समारोह में शामिल होना स्वाभाविक है। नागपुर में यह कार्यक्रम पूरी शांति से संपन्न होना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के कला, चित्र वाले बयान

हम इस बयान का स्वागत करते हैं। व्यंग्य समाज को मजबूत बनाता है, उसे दिशा देता है और ऐतिहासिक पहचान भी प्रदान करता है। यह जारी रहना चाहिए। लेकिन अगर कविता या व्यंग्य के नाम पर व्यक्तिगत हमले किए जाते हैं, तो उस पर आपत्ति होगी। हम मर्यादा लांघने के खिलाफ हैं। अचार्य अत्रे, बालासाहेब, हरीशंकर, प्रसाद जोशी, इन सभी ने व्यंग्य किया। हाल ही में शेखर सुमन भी राजनीति पर व्यंग्य करते रहे हैं, लेकिन क्या वहां कोई हिंसा हुई? नहीं, क्योंकि वे अपनी सीमाओं में रहे।

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Edited By

Deepti Sharma

Reported By

Vinod Jagdale

First published on: Mar 28, 2025 02:43 PM

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