Maharashtra CM Devendra Fadnavis: महाराष्ट्र में आज भाजपा विधायक देवेंद्र फडणवीस सीएम पद की शपथ लेंगे। उनके साथ एकनाथ शिंदे और अजित पवार डिप्टी सीएम की शपथ लेंगे। इस कार्यक्रम में पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, केंद्रीय मंत्री समेत बीजेपी और एनडीए शासित राज्यों के सीएम और डिप्टी सीएम शामिल होंगे। शिवसेना के नेता एकनाथ शिंदे सरकार में डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी संभालने को तैयार है। हालांकि वे गृह मंत्रालय पर अड़े हुए हैं।
शिवसेना इस सरकार में ज्यादा से ज्यादा मंत्री पद और बड़े विभाग अपने पास रखने के लिए बीजेपी पर जोर बना रही है। शिवसेना चाहती है कि उसके एक दर्जन से अधिक विधायक मंत्री बने। ताकि सभी विधायकों खुश रखा जा सके। एक और शिवसेना खेमे के विधायक खुश हैं क्योंकि उनकी पार्टी लगातार दूसरी बार सरकार का हिस्सा बनने जा रही है। तो वहीं दूसरी ओर कुछ विधायकों का मानना है कि एकनाथ शिंदे अगर थोड़े दिन और सीएम बने रहते तो इससे पार्टी का मनोबल बढ़ता और स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन बेहतर होता।
कैबिनेट में किसे मिलेगी जगह
हालांकि शिवसेना सूत्रों की मानें तो इस बार कैबिनेट में सभी नए चेहरे शामिल होंगे। कुछ चेहरे ऐसे भी हैं जो पहली बार विधायक बने हैं। ऐसे में उनको लेकर ज्यादा समस्या नहीं है, लेकिन ऐसे विधायक जो वरिष्ठ हैं कभी कैबिनेट का हिस्सा नहीं रहे, वे इस बार मंत्री पद के लिए लाॅबिंग कर रहे हैं। वहीं कुछ एमएलसी भी हैं जो लगातार एमएलसी रहने के बाद खुद को कैबिनेट में शामिल कराने के इच्छुक हैं।
विधायकों को पद देना बड़ी चुनौती
शिवसेना के पदाधिकारी की मानें तो 2022 में जब महायुति की सरकार बनी थी, तो तब शिवसेना के पास 40 विधायक थे, अब विधानसभा चुनाव के बाद शिवसेना के पास 57 विधायक हैं। जो वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बनेंगे उन्हें राज्य द्वारा संचालित निगमों में समायोजित करना होगा। ऐसे विधायकों में संजय शिरसाट और भरत गोगावले भी शामिल हैं।
महायुति में कोई विवाद नहीं
शिवसेना विधायक संजय शिरसाट ने कहा हमने अपनी राय से पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे को अवगत कराया है। हमारी एकमात्र इच्छा थी कि शिंदे अगर थोड़े समय के लिए भी सीएम बनते तो हम नगर निगम और जिला परिषद् के चुनाव मजबूती से लड़ पाते। हमारा गठबंधन और भी मजबूती से आगे बढ़ेगा। महायुति में किसी बात को लेकर कोई विवाद नहीं है। शिवसेना गृह विभाग और मौजूदा मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है। इनमें उद्योग और शहरी विकास जैसे विभाग शामिल हैं।