धुले - साइबर बदमाशों द्वारा नागरिकों को ठगने के अलग-अलग तरीके आजकल सामने आ रहे हैं. ऐसे ही एक मामले में, धुले के एक पढ़े-लिखे इंजीनियर को स्टॉक मार्केट में ज्यादा प्रॉफिट दिलाने का लालच देकर साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी कर ली गई. जैसे ही धोखाधड़ी का पता चला, इंजीनियर तुरंत साइबर पुलिस स्टेशन पहुंचा और केस दर्ज कराया. साइबर पुलिस ने टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर संबंधित व्यक्ति से 1 करोड़ 19 लाख रुपये भी रिकवर कर लिए हैं और साइबर पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है. इस घटना से धुले में हलचल मच गई है और इस घटना से यह बात सामने आई है कि पढ़े-लिखे इंजीनियर भी साइबर बदमाशों के जाल में फंस रहे हैं.
अक्टूबर में, एक प्राइवेट इंजीनियर हर्षद नारायण देशपांडे के WhatsApp नंबर पर एक मैसेज आया, जिसमें उन्हें स्टॉक मार्केट में उनके पैसे डबल करने के लिए कहा गया था. इंजीनियर ने मिले मैसेज को प्रोसेस किया. इसके बाद इंजीनियर ने साइबर स्कैमर्स के बताए अनुसार लिंक खोला, WhatsApp ग्रुप जॉइन किया और ऐप के लिए रजिस्टर किया. रजिस्टर करने के बाद, उसे शुरू में ट्रेंडिंग के पैसे मिले.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें;फलों पर लगाई चूहे मारने की दवा, महाराष्ट्र में दो फल विक्रेता गिरफ्तार; दुकान हुई सील
---विज्ञापन---
जैसे-जैसे साइबर स्कैमर्स ने इंजीनियर का भरोसा जीता, इंजीनियर ने भी अपने बैंक अकाउंट से साइबर स्कैमर्स के दिए गए बैंक अकाउंट में बार-बार पैसे भेजे. जब कमीशन देने के लिए कहा गया, तो उसने कमीशन की पूरी रकम भी दे दी. हालांकि, जब उसने दी गई रकम वापस लेने के लिए रिक्वेस्ट की, तो रिक्वेस्ट रिजेक्ट होते ही इंजीनियर को एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है. इंजीनियर भागकर साइबर पुलिस के पास गया और केस दर्ज कराया. पुलिस ने इंजीनियर से साढ़े तीन करोड़ में से डेढ़ करोड़ रुपये भी रिकवर कर लिए हैं.
जिला पुलिस अधीक्षक श्रीकांत धिवरे और अपर पुलिस अधीक्षक अजय देवरे के मार्गदर्शन में साइबर विभाग के पुलिस इंस्पेक्टर अभिजीत सोनवणे ने टेक्निकल एनालिसिस के आधार पर ठगे गए इंजीनियर से 1 करोड़ 19 लाख रुपये रिकवर कर लिए हैं. साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अपने पैसे डबल करने के लिए आने वाले अनजान लिंक, APK फाइल या किसी और लालच में न आएं.
यह भी पढ़ें;रैबीज बीमारी कितनी खतरनाक? जिसके डर से मुंबई के सीनियर अफसर ने खुद दे दी जान