CM मोहन यादव ने बताया किसके पास है प्रधानमंत्री के खिलाफ फैसला करने का जज्बा
MP CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा कि सिर्फ भारतीय न्यायपालिका में ही वो जज्बा है, जो कार्यरत प्रधानमंत्री के खिलाफ फैसला करें।
Edited By Pooja Mishra

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MP CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव बीते दिन जबलपुर में महाधिवक्ता द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल हुए। यहां उन्होंने भारतीय न्यायपालिका की खूबसूरती और देश के लोकतंत्र में इसके अहम योगदान के बारे में बताया। सीएम मोहन यादव ने कहा कि भारतीय न्यायपालिका ने अपने फैसलों से दुनिया में अपनी एक खास पहचान बनाई है। उन्होंने यहां तक कहा कि भारत के लोकतंत्र की खूबसूरती न्यायालयों से ही है। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि सिर्फ भारतीय न्यायपालिका में ही वो जज्बा है, जो कार्यरत प्रधानमंत्री के खिलाफ फैसला करें।
आज जबलपुर में आयोजित अधिवक्ता अभिनंदन समारोह में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री सुरेश कुमार कैत जी एवं माननीय न्यायमूर्ति श्री सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में 50 वर्ष से अधिक समय तक न्यायिक क्षेत्र में सेवा दे चुके वरिष्ठ अधिवक्ताओं का… pic.twitter.com/NIM91jmpNu
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) December 18, 2024
भारतीय न्यापालिका ने किए ऐतिहासिक फैसले
इस दौरान सीएम मोहन यादव ने न्याय करते समय मेरिट के साथ मोरेलिटी को भी ध्यान में रखने की बात कही। उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका भारतीय लोकतंत्र की प्रहरी है। भारत की न्याय व्यवस्था ही देश को दुनिया में एक अलग पहचान देने का काम करती है और देश का गौरव बढ़ाती है। भारतीय न्यापालिका ने कई ऐसे ऐतिहासिक फैसले किए है, जो आज के समय में भी लोगों के बीच प्रासंगिकता बनाए हुए हैं। यहीं भारत के लोकतंत्र की असली खूबसूरती है। सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका ये तीनों लोकतंत्र के अहम हिस्से हैं। देश में जहां कार्यपालिका कानून निर्माण का काम करती है तो वहीं न्यायपालिका द्वारा उसकी व्याख्या करने का काम किया जाता है।
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सीएम मोहन यादव ने आगे कहा कि हमारी न्यायपालिका ने बदलते समय में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए अपनी विशिष्ट पहचान स्थापिक की है। देश की न्याय व्यवस्था द्वारा ऐसे कई फैसले लिए गए हैं, जिनमें योग्यता के साथ-साथ नैतिकता और जीवन मूल्यों को तरजीह दी गई है। इस दौरान मुख्य न्यायाधिपति जस्टिश कैत ने बताया कि जबलपुर में ज्वाइनिंग के पहले उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट, तेलंगाना और बाकी के दूसरे हाईकोर्ट में अपनी सेवाएं दी है। हर जगह से उन्हें सम्मान मिला है। लेकिन सबसे ज्यादा सम्मान उन्हें मध्य प्रदेश के हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के तौर पर मिला है।
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