हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

धार भोजशाला पर हाई कोर्ट का 'मंदिर फैसला' स्वीकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा मुस्लिम पक्ष

मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद पर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है. मध्य प्रदेश की उच्च न्यायालय ने धार भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष की मांग को मंजूर कर लिया है. इस फैसले से पहले धार में सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए थे.

विज्ञापन

मध्य प्रदेश के धार में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला विवाद पर हाई कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाया है. मध्य प्रदेश की उच्च न्यायालय ने धार भोजशाला को मंदिर मानते हुए हिंदू पक्ष की मांग को मंजूर कर लिया है. इस फैसले से पहले धार में सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए गए थे. हाई कोर्ट ने एएसआई की रिपोर्ट पर भरोसा जताते हुए धार भोजशाला को मंदिर का परिसर घोषित कर दिया है. हालांकि हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद अब धार भोजशाला को मस्जिद बताने वाला पक्ष इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा, मुस्लिम पक्ष ने यह भी कहा कि वो भोजशाला परिसर में नमाज पढ़ना जारी रखेंगे.

कोर्ट ने फैसले में क्या कहा?


फैसले में कोर्ट ने पारित किए गए ऐतिहासिक और पुरातात्विक प्रमाणों का हवाला देते हुए कहा कि पुरातत्व एक विज्ञान है और न्यायालय वैज्ञानिक निष्कर्षों को नजरअंदाज नहीं कर सकता. अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है कि ऐसे प्राचीन स्मारकों तथा ऐतिहासिक संरचनाओं का संरक्षण और संवर्द्धन सुनिश्चित किया जाए. यही कारण है कि पूरे परिसर का प्रशासन और प्रबंधन ASI के अधीन ही रहने का निर्देश दिया गया है.

यह भी पढ़ें: ऑपेरशन सिंदूर की बरसी के बाद भारतीय सेना का बड़ा युद्धाभ्यास, 11 दिन चलेगा और नाम है प्रगति 2026

विज्ञापन

नमाज पढ़ने पर रोक


हाई कोर्ट ने 2003 में ASI के उस आदेश को भी निरस्त कर दिया है, जिसके तहत हिंदू पूजा पर प्रतिबंध लगाकर मुसलमानों को नमाज की अनुमति दी गई थी. न्यायालय ने कहा कि वह आदेश हिंदू पक्ष के अधिकारों को सीमित करता था, इसलिए उसे बरामद निर्णय के अनुरूप हटाया जाता है. साथ ही अदालत ने मुस्लिम समुदाय के प्रति संवेदनशील रुख भी अपनाया: मुस्लिम पक्ष को नमाज-अनुष्ठान के लिए धार जिले में अलग से भूमि उपलब्ध कराने हेतु सरकार से संपर्क करने की छूट दी गई है, ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे.

केंद्र और ASI को निर्देश


न्यायालय ने केंद्र सरकार और ASI को निर्देश दिया है कि वे परिसर की रक्षा, संरक्षण और संस्कृत शिक्षा से जुड़े निर्णय शीघ्रता से लें. कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी राज्य की जिम्मेदारी है ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों के हित सुरक्षित रहें. गौरतलब है कि लंबे समय से हिंदू‑मुस्लिम दोनों पक्षों के दावे और ऐतिहासिक दलीलों के बीच कोर्ट का यह फैसला हिंदू पक्ष के लिए बड़ी जीत माना जा रहा है. अब यह देखना है कि मुस्लिम पक्ष कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देता है या नहीं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: पासपोर्ट बनवाने से जुड़ा बड़ा नियम, आधार-पैन और वोटर ID होने पर भी नहीं बना Indian Passport, यहां जानें क्यों?

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola