झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर महागठबंधन के अंदर सियासी हलचल बढ़ गई है. कांग्रेस ने इस बार सख्ती से अपनी दावेदारी पेश की है, जिसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आश्वासन ने पार्टी की उम्मीदों को नई ऊंचाई दी है. गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी होने का हवाला देते हुए कांग्रेस अब एक सीट पर मजबूत दावा कर रही है और इसके लिए लॉबिंग भी जोरों पर है.
क्या है पूरा मामला?
कांग्रेस की दावेदारी को बल मिला जब पार्टी के झारखंड प्रभारी के राजू, तेलंगाना के डिप्टी सीएम मल्लू भट्टी विक्रमार्क और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात की. इस बैठक में कांग्रेस नेताओं ने औपचारिक रूप से राज्यसभा सीट की मांग रखी. सूत्रों के मुताबिक, बैठक सकारात्मक रही और मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की मांग पर गंभीरता जताई.
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हेमंत सोरेन ने क्या कहा?
हेमंत सोरेन ने बाद में कहा, 'कांग्रेस की मांग पर हम गंभीर हैं. लेकिन अंतिम फैसला लेने से पहले सभी सहयोगी दलों से चर्चा की जाएगी.' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि महागठबंधन की पहली प्राथमिकता दोनों सीटें जीतना है और अंतिम निर्णय दिल्ली स्तर पर लिया जाएगा.
कांग्रेस में शुरू हुई दौड़
सीट मिलने की संभावना बढ़ते ही कांग्रेस के अंदर कद्दावर नेताओं की आपसी होड़ भी तेज हो गई है. पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्यसभा जाने की दौड़ में धीरज साहू, राजेश ठाकुर, प्रदीप बालमुचू और फुरकान अंसारी जैसे नेता शामिल हैं. इनमें से कई नेता दिल्ली में भी सक्रिय दिख रहे हैं. कांग्रेस की उम्मीद की सबसे बड़ी वजह उसके 16 विधायक हैं, जो महागठबंधन सरकार को मजबूती दे रहे हैं.
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