Jharkhand News: झारखंड के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का चेन्नई में इलाज के दौरान आज यानी गुरुवार सुबह निधन हो गया। जगन्नाथ महतो डुमरी विधानसभा से विधायक थे।
बीते 14 मार्च को मंत्री जगरनाथ महतो की तबीयत बिगड़ गयी थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए रांची के पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में उन्हें चेन्नई के लिए रेफर किया गया था। उस वक्त शिक्षा मंत्री को एयरलिफ्ट कर चेन्नई ले जाया गया था।
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सीएम हेमंत सोरेन ने शोक व्यक्त किया
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि अपूरणीय क्षति! हमारे टाइगर जगरनाथ दा नहीं रहे!
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आज झारखंड ने अपना एक महान आंदोलनकारी, जुझारू, कर्मठ और जनप्रिय नेता खो दिया। चेन्नई में इलाज के दौरान आदरणीय जगरनाथ महतो जी का निधन हो गया। परमात्मा दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार को दुःख की यह विकट घड़ी सहन करने की शक्ति दे।
गरीबी के कारण पूरी नहीं कर पाए थे पढ़ाई
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जगरनाथ महतो 10वीं पास थे, जब उन्हें झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) से विधायक बनने के बाद हेमंत सोरेन सरकार में शिक्षा मंत्री बनाया गया। इस पर विपक्ष समेत कई लोगों ने उनकी आलोचना की। आलोचनाओं से परेशान होकर उन्होंने शिक्षा मंत्री रहते हुए उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र डुमरी के एक कॉलेज में दाखिला लिया।
अगस्त 2020 में एक मीडिया रिपोर्ट में जगरनाथ महतो ने कहा था कि वे काफी गरीब परिवार से आते हैं। परिवार खेती करके अपनी गुजर-बसर करता था। गरीबी के कारण वे अपनी पढ़ाई को पूरा नहीं कर पाए। इसका उन्हें हमेश दुख रहा।
दिसंबर 2022 मेंं मिली थी जान से मारने की धमकी
दिसंबर 2022 को जगरनाथ महतो को जान से मारने की भी धमकी मिली थी। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया था कि किसी अज्ञात शख्स ने उन्हें स्पीड पोस्ट से उन्हें धमकी भरा पत्र भेजा था।
कहा जाता है कि उन्हें दो दिन में तीन पत्र मिले थे। पत्र में जगरनाथ महतो के साथ-साथ झामुमो नेता शिबू सोरेन और हेमंत सोरेन को भी धमकी दी थी। पत्र में उन्हें 1932-आधारित अधिवास नीति को वापस लेने या परिणाम भुगतने की धमकी दी।
सितंबर 2020 में कोरोना संक्रमण से खराब हुए थे फेंफड़े
जगरनाथ महतो सितंबर 2020 में कोरोना संक्रमित हुए थे। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि तब कोरोना संक्रमण के कारण उनके फेंफड़े पूरी तरह से खराब हो गए थे। तब उन्हें 21 दिनों तक लाइफ सपोर्ट पर रखा गया था। हालांकि उसके बाद चले लंबे इलाज के बाद उनकी तबीयत में सुधार हुआ था, लेकिन वे पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाए थे।
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