---विज्ञापन---

झारखंड

सिपाही भर्ती परीक्षा में क्यों हुई 12 अभ्यर्थियों की मौत? झारखंड के घायल नौजवानों ने बताई आपबीती

Jharkhand Sipahi Bharti News: सुदेश महतो ने कहा कि लगातार अभ्यर्थियों की जान गई है। फिर भी सब होने दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। ये अभ्यर्थी जो नौकरी की तलाश में आए हैं, उन्हें रात भर खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया जाता है।

Author Edited By : Nandlal Sharma
Updated: Sep 3, 2024 14:13
Hemant Soren Will Become CM Again
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन | फाइल फोटो
खबर सुनें
News24 एआई आवाज़

Jharkhand Excise Constable Recruitment: झारखंड में उत्पाद सिपाही की बहाली प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की मौत ने पूरे देश को चौंका दिया है। हर किसी के मन में सवाल है कि आखिर इतने बड़े पैमाने पर नौजवानों की मौत का क्या कारण हो सकता है। बता दें कि झारखंड में उत्पाद सिपाही की बहाली प्रक्रिया 22 अगस्त से शुरू हुई है। लेकिन फिजिकल टेस्ट के दौरान नौजवानों की मौत के चलते मुख्यमंत्री ने इस पर तीन दिनों की रोक लगा दी है।

झारखंड सरकार ने उत्पाद सिपाही के 583 पदों के लिए भर्ती निकाली है। इसमें सात केंद्रों पर शारीरिक दक्षता परीक्षा हो रही है। भर्ती परीक्षा के फिजिकल टेस्ट में पुरुष अभ्यर्थियों को 60 मिनट में 10 किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी है। वहीं महिला अभ्यर्थियों के लिए 40 मिनट में 5 किलोमीटर की दौड़ पूरी करने की पात्रता है।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ेंः जिस अजगर से कमा रहा था ‘रोटी’, उसी ने दी मौत, लंबे समय से सांपों को पकड़ रहा था हेमंत

अब तक 12 अभ्यर्थियों की मौत

---विज्ञापन---

भर्ती प्रक्रिया के दौरान 60 मिनट में 10 किलोमीटर दौड़ लगाने के दौरान 12 अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा मौत पलामू भर्ती केंद्र पर देखने को मिली है। यहां 5 अभ्यर्थियों की मौत हो चुकी है। डॉक्टरों की माने तो ज्यादातर इंजर्ड हुए अभ्यर्थियों में डिहाइड्रेशन की कमी देखी गई है। इस वजह से युवा या तो दौड़ पाने में सक्षम नहीं हुए या बीमार हो गए।

विपक्ष ने खोला मोर्चा

हालांकि विपक्ष ने झारखंड सरकार की बहाली प्रक्रिया पर सवाल उठाया है। इसके जवाब में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी और आजसू ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने बताया कि इस घटना में जो लोग भी जिम्मेदार हैं, उनको निश्चित तौर पर सजा मिलनी चाहिए।

ये भी पढ़ेंः चंपई सोरेन के BJP में जाने के क्या होंगे मायने? JMM में टूट के कितने आसार, हेमंत सोरेन के साथ खेला!

महतो ने कहा कि लगातार अभ्यर्थियों की जान गई है। फिर भी सब होने दिया गया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। ये अभ्यर्थी जो नौकरी की तलाश में आए हैं, उन्हें रात भर खुले आसमान के नीचे छोड़ दिया जाता है। इन सब चीजों के लिए सरकार जिम्मेदार है।

अभ्यर्थियों ने उठाया सवाल

भर्ती में शामिल घायल हुए अभ्यर्थियों ने भी बहाली प्रक्रिया में खामियां बताई हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि दौड़ने के क्रम में अभ्यर्थियों के घायल होने पर कोई भी अधिकारी या स्टाफ मदद को आगे नहीं आया।

किस भर्ती केंद्र पर कितनी मौतें

भर्ती प्रक्रिया में चियांकी हवाई अड्डा पलामू पर 5 अभ्यर्थियों ने दम तोड़ दिया। हजारीबाग के पद्मा में 2 लोगों की मौत हुई। वहीं गिरिडीह पुलिस केंद्र पर 2 अभ्यर्थियों की मौत हो गई। रांची के टेंडर ग्राम रातू में 1, पूर्वी सिंहभूम में मुसाबनी में 1, साहिबगंज के जैप-9 में 1 अभ्यर्थी की मौत हुई है। नीचे लिस्ट में देखिए फिजिकल टेस्ट में मौत के शिकार हुए 10 अभ्यर्थियों की सूची, जिनकी पुष्टि हो चुकी है।

अभ्यर्थी स्थान
अमरेश कुमार गया
अजय महतो रांची
सूरज वर्मा गिरिडीह
पिंटू कुमार गिरिडीह
दीपक पासवान पलामू
सुमित कुमार गोड्डा
विकास लिंड रांची
महेश कुमार हजारीबाग
अरुण कुमार पलामू
प्रदीप कुमार गोड्डा

 

First published on: Sep 03, 2024 02:06 PM

संबंधित खबरें