फर्जी पासपोर्ट पर विदेश भागने वाला मोस्ट वांटेड गैंगस्टर कुणाल जून को कजाकिस्तान से भारत लाया गया। एसटीएफ और झज्जर पुलिस ने दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार किया। गैंगस्टर कुणाल जून ने 16 साल की उम्र में पहली हत्या की थी। उसके खिलाफ 15 केस दर्ज हैं। आइए जानते हैं कि कौन है मोस्ट वांटेड गैंगस्टर कुणाल जून?
गैंगस्टर कुणाल जून मूलरूप से हरियाणा के बहादुरगढ़ स्थित नूना माजरा गांव का रहने वाला है। उसका आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रोहतक और झज्जर जिलों के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और फिरौती मांगने जैसे करीब 15 मामले दर्ज हैं। वह कई मामलों में फरार चल रहा था। एक मामले में उसे गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन बाद में उसे जमानत मिल गई। बाद में वह फर्जी पासपोर्ट से विदेश भाग गया।
दिल्ली से दुबई होते हुए कजाकिस्तान पहुंचा था कुणाल जून
एसपी करनाल रेंज वसीम अकरम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि सितंबर में कुणाल जून फर्जी पासपोर्ट के साथ दिल्ली से दुबई गया। इसके बाद वह अजरबैजान और कजाकिस्तान पहुंचा। गैंगस्टर कजाकिस्तान से यूक्रेन के रास्ते अमेरिका जाना चाहता था। पुलिस ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखा था। ऐसे में उसे कजाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया। भारत सरकार के अनुरोध पर कुणाल जून को कजाकिस्तान से भारत लाया गया।
कई बड़े गैंगस्टरों से कुणाल जून का संबंध : एसपी
एसपी वसीम अकरम ने बताया कि कई बड़े गैंगस्टरों से कुणाल जून का संबंध है। फिलहाल वह अपना गैंग चलाता है। विदेश भागने के बाद भी वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल था। हरियाणा के रोहतक में गैंगस्टर कुणाल जून के खिलाफ गैंगस्टर सुमित प्लोटरा के भाई समेत तिहरे हत्याकांड को अंजाम देने का भी आरोप है।
अदालत ने गैंगस्टर को पुलिस रिमांड में भेजा
आईपीएस वसीम अकरम ने बताया कि गैंगस्टर कुणाल जून को बहादुरगढ़ की अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 6 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस अब कुणाल जून से कई अहम जानकारियां जुटाने का काम करेगी। उम्मीद है कि पूछताछ में कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।