गुजरात के सूरत एयरपोर्ट से आए दिन तस्करी का सोना पकडे जाने की खबरे आती रहती हैं। ताजा मामला सूरत हवाई अड्डे का है, जहां पर तैनात सीआईएसएफ की टीम ने सोने की तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया है। टीम ने दुबई से एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान से उतरे दो यात्रियों से 28 किलो सोने का पेस्ट जब्त किया है, जिसमें लगभग 23 किलो शुद्ध सोना होने का अनुमान है।
दुबई से सूरत आ रही थी एयर इंडिया
सीआईएसएफ ने दुबई से सूरत एयरपोर्ट आ रही एयर इंडिया के अराइवल एरिया में रेगुलर निगरानी और सुरक्षा ड्यूटी पर थे। इसी दौरान टीम ने दो यात्रियों के संदिग्ध व्यवहार देखते हुए उनके सामान की तलाशी ली। दोनों ने बड़ी चालाकी से अपनी बॉडी में लगभग 28 किलो सोने का पेस्ट छिपा रखा था। ऐसा कोई पहली बार नहीं है जब सूरत एयरपोर्ट से इस तरह की सोने की तस्करी का मामला सामने आया हो इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी है। 2023 में तो डीआरआई ने सोने स्मगलिंग की सबसे बड़ी खेप पकड़ी थी, जिसकी कीमत 25 करोड़ रुपये थी।
मुख्य घटनाएं और आंकड़े
2025- 20 जुलाई को दुबई से एयर इंडिया की फ्लाइट से आए दो यात्रियों से लगभग 28 किलो सोने का पेस्ट (23 किलो शुद्ध सोना) पकड़ा गया। तस्कर शरीर के हिस्सों में पेस्ट छुपा कर लाए थे।
2024- एसओजी द्वारा 4 तस्करों से ट्रेवल बैग में छुपाया 900 ग्राम सोना (पेस्ट रूप में) जब्त, जिसकी कीमत लगभग 60–65 लाख थी।
2024- एक महिला के पास से 550 ग्राम सोना, जिसकी कीमत 41 लाख, शरीर के अंदर छिपाकर लाया जा रहा था।
2023- DRIE ने शारजाह से आए 3 तस्करों से 48.2 किलो सोना पेस्ट किया हुआ (42 किलो शुद्ध सोना) पकड़ा गया, जिसकी कीमत करोड़ों में थी। इसमें एयरपोर्ट का एक कर्मचारी भी मिला हुआ था।
2019-2023- इन चार सालों (2019-20: 14 बार, 2021–22: 1 बार, 2022–23: 17 बार, अगस्त 2023 तक: 9 बार) कुल 41 मामले दर्ज हुए और 20 किलो से अधिक सोना जब्त किया गया।
2023-24- इन डेटा के अनुसार, डेढ़ साल में कुल 37 करोड़ का सोना जब्त हुआ था।
कैसे पकड़ रही तस्करों को पुलिस
सूरत एयरपोर्ट पर पकड़ा गए सोने की ज्यादातर तस्करी दुबई और शारजाह से आने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में पाई गई। तस्करी करने के लिए अक्सर सोने को पेस्ट रूप में बॉडी, कपड़ों और बैग में छिपाकर लेकर आते हैं। हर साल कस्टम और सुरक्षा एजेंसियां लगातार नए तकनीकी तरीके इस्तेमाल कर रहे तस्करों को पकड़ने में सफल हो रही हैं। इन आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले 5 सालों में सूरत एयरपोर्ट तस्करों के लिए एक ‘हॉटस्पॉट’ बना रहा है, जहां बड़ी मात्रा में सोने की जब्ती हुई है।
सूरत का एयरपोर्ट बना गोल्ड स्मगलिंग का हॉट स्पॉट
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये उठता है की आखिर डायमंड सिटी सूरत का एयरपोर्ट गोल्ड स्मगलिंग का हॉट स्पॉट क्यों बनता जा रहा है। सूरत एयरपोर्ट को गोल्ड स्मगलिंग का हॉटस्पॉट बनने का मुख्य कारण है कि इंटरनेशनल कनेक्टिविटी के बावजूद तस्करों को यहां बड़े हवाई अड्डों की तुलना में कम सतर्कता की उम्मीद रहती है। वहीं, गुजरात के अहमदाबाद और मुंबई जैसे बड़े एयरपोर्ट्स पर सुरक्षा ज्यादा कड़ी होती है।
सूरत एक अपेक्षाकृत नया और छोटा अंतरराष्ट्रीय टर्मिनल होने के कारण तस्करों को लगता है कि यहां जांच कम होगी। दूसरी मुख्य वजह है लोकल डिमांड सूरत हीरे और सोने के गहनों का बड़ा केंद्र है। यहां की ज्वेलरी इंडस्ट्री में कच्चे सोने की भारी मांग रहती है। इस वजह से अवैध सोने के बाजार को स्थायी आपूर्ति देने की कोशिश की जाती है।
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