दिवाली और छठ का त्योहार मनाने के लिए गुजरात से अपने घर लौट रहे लोगों के लिए सफर आसान नहीं रह गया है. अहमदाबाद समेत राज्य के कई रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ से भरे हुए हैं. अनुमान है कि अहमदाबाद से ही पांच लाख से ज्यादा यात्री उत्तर भारत और दूसरे राज्यों के लिए रवाना हो रहे हैं. भीड़ को संभालने के लिए पश्चिम रेलवे ने 70 से ज्यादा विशेष ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के आगे ये इंतजाम भी कम पड़ते दिख रहे हैं. हमारी टीम साबरमती रेलवे स्टेशन पहुंची, जहां यात्रियों की भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त रेलवे मार्शल और RPF जवान तैनात किए गए हैं. ये जवान यात्रियों को रास्ता बताने के साथ जरूरी जानकारियां भी दे रहे हैं. अहमदाबाद के स्टेशनों पर यात्रियों के बैठने के लिए होल्डिंग एरिया बनाया गया है और 24 घंटे CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है. अहमदाबाद से रोजाना करीब 7 से 8 हजार यात्री दूसरे राज्यों के लिए रवाना हो रहे हैं. राजकोट, सूरत और वडोदरा के स्टेशनों पर भी यही हाल है. खासकर सूरत से हर दिन 15 से 20 हजार यात्री उत्तर भारत, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम की ओर जा रहे हैं.
होल्डिंग एरिया में इंतजार, ट्रेन में पैर रखने की जगह नहीं
साबरमती स्टेशन पर बना बड़ा होल्डिंग एरिया भी यात्रियों से भरा हुआ है. यहां ऐसे हजारों यात्री बैठे हैं, जिन्हें अभी तक ट्रेन में जगह नहीं मिल पाई है. यात्रियों को समय-समय पर ट्रेनों की जानकारी दी जा रही है और उनके सवालों के जवाब दिए जा रहे हैं. रेलवे की ओर से पीने का पानी और नाश्ता भी दिया जा रहा है. RPF के जवान यात्रियों को अतिरिक्त ट्रेनों में लाइन लगाकर बैठा रहे हैं. इसके बावजूद भीड़ इतनी ज्यादा है कि कई यात्रियों को ट्रेन के डिब्बों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिल रही. कुछ लोगों को 25 से 30 घंटे का सफर खड़े होकर तय करना पड़ सकता है.
गोरखपुर जाने वाले यात्री दीपक ने बताया कि वह मौजूदा ट्रेन में सफर नहीं कर सकते, क्योंकि उसमें पैर रखने तक की जगह नहीं है. जब उनसे पूछा गया कि अब वह क्या करेंगे तो उन्होंने बताया कि वह दूसरी ट्रेन का इंतजार करेंगे. दीपक के मुताबिक, उन्हें कुल छह दिन की छुट्टी मिली है. इसमें दो दिन जाने और दो दिन वापस आने में ही लग जाएंगे. उन्होंने कहा कि वह पिछले दो घंटे से स्टेशन पर खड़े हैं और इस इंतजार में उनका समय और नींद दोनों खराब हो रहे हैं.
रेलवे के साथ बसों में भी अतिरिक्त इंतजाम
त्योहारों के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की भीड़ को देखते हुए गुजरात राज्य परिवहन निगम ने भी विशेष व्यवस्था की है. निगम ने 4 से 7 नवंबर के बीच करीब 2,400 अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई है. इनके 8,000 से ज्यादा फेरे लगाए जाएंगे. ये बसें सूरत से सौराष्ट्र, उत्तर गुजरात और पंचमहल के अलावा अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा, मेहसाणा, पाटन और पालनपुर के लिए चलेंगी. इसके अलावा भाई दूज के मौके पर बहनों को खास तोहफा दिया गया है. राज्य परिवहन निगम ने घोषणा की है कि इस दिन बहनों से बस यात्रा का किराया नहीं लिया जाएगा. यानी भाई दूज पर बहनें निगम की बसों में मुफ्त सफर कर सकेंगी. रेलवे और बसों की ओर से अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं, लेकिन त्योहार पर घर पहुंचने की जल्दी और यात्रियों की भारी संख्या के कारण लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं. कई लोगों के लिए छुट्टियों का बड़ा हिस्सा घर पहुंचने और वापस लौटने के सफर में ही बीत रहा है.