एक तरफ स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार विरोध हो रहा है तो वहीं दूसरी तरफ बिजली बिल भी लोगों को बड़ा झटका दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला भरुच जिले के कुकरवाड़ा गांव के एक आम परिवार को बिजली विभाग द्वारा 87 लाख का बिजली बिल भेजा गया है।
दरअसल, भरुच के कुकरवाड़ा गांव की नवीनगरी कॉलोनी में रहने वाले बुधा भाई वसावा, जो एक निजी कंपनी में सफाई कर्मचारी के तौर पर काम करते हैं। उनकी मासिक 12,000 की आय से परिवार चलाते हैं। उन्हें 87 लाख का बिजली बिल थमा दिया गया। जैसे ही उन्हें बिल मिला, उनके होश उड़ गए। इस घटना के बाद बुधाभाई ने GEB कार्यालय के धक्के खा रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
वडोदरा में भी आई लापरवाही सामने
ऐसा ही कुछ वडोदरा में हुआ जहां MGVCL की लापरवाही के चलते समा इलाके में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने घर में रहने वाली उपभोक्ता उषाबेन पटेल को चार महीने बाद 7 लाख 81 हजार का बिजली का बिल मिला तो वह भी हक्की बक्की रह गई। उषाबेन को आमतौर पर 1500 से 2000 रुपये का बिल मिलता था।
अंकलेश्वर में आया बिजली बिल का मामला
वहीं, अंकलेश्वर शहर के मास्टर कंपाउंड निवासी और साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाली पटेल जुलेखा मोहम्मद के घर में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उन्हें 6 लाख 29 हजार रुपये का बिल मिला। जिसके बाद उनकी हालत खराब हो गई। ऐसे में अब ये स्मार्ट मीटर लोगों के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है।
बिजली विभाग की लापरवाही
ऐसे में बिजली विभाग भी पल्ला झाड़ लेते हैं और इस वजह से आम लोगों को धक्के खाने पड़ते हैं। बिजली विभाग भी ऐसे मामलों में कोई एक्शन न लेकर पीड़ित को ऑफिस के धक्के खाने को मजबूर कर देते हैं।