गुजरात ATS ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है. अहमदाबाद के दाणीલીमडा ड्रग्स केस की कड़ियों को जोड़ते हुए एटीएस की टीम उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जा पहुंची, जहां रामनगर करई गांव में एक खेत में चल रही अवैध ड्रग्स लेबोरेटरी का पर्दाफाश किया गया है.

​इस छापेमारी में 6 किलो तैयार MD ड्रग्स, 50 किलो लिक्विड मेफेड्रोन और करीब 200 किलो कच्चा माल जप्त किया गया साथ हीै यूपी के रहने वाले दो आरोपी—कपिलदेव शर्मा और रामशंकर उर्फ पंकज को गिरफ्तार किया गया है.

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​इस पूरे मामले की शुरुआत 1 मार्च को अहमदाबाद के दाणीलीमडा इलाके से हुई थी, जहाँ पुलिस ने कुछ ग्राम ड्रग्स के साथ स्थानीय पैडलर्स को पकड़ा था. जब एटीएस ने गहराई से जांच की और पकड़े गए आरोपियों सोहेल मिर्ज़ा और फरहान से पूछताछ की, तो पता चला कि ड्रग्स की सप्लाई उत्तर प्रदेश से हो रही है.

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​गुजरात एटीएस की टीम पिछले 12 दिनों से यूपी के अंबेडकरनगर इलाके में डेरा डाले हुए थी. जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए एक पोल्ट्री फार्म के अंदर टीन शेड बनाकर यह लैब स्थापित की थी. दूर से देखने पर यह साधारण खेती का हिस्सा लगता था, लेकिन अंदर एमडी ड्रग्स बनाने का काला खेल चल रहा था.

​छापेमारी के दौरान एटीएस ने न केवल तैयार ड्रग्स बल्कि भारी मात्रा में रॉ मटेरियल भी जब्त किया है:
​6 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन , ​50 किलोग्राम लिक्विड एमडी , ​88 किलोग्राम '2-ब्रोमो-4-मिथाइल प्रोपियोफेनोन' के साथ ​कुल 200 किलो से अधिक कच्चा माल और मशीनरी बरामद हुआ .

​एटीएस अधिकारी के अनुसार: "आरोपी कम पढ़े-लिखे होने के बावजूद रसायनों के मिश्रण में माहिर थे. वे इस लैब से ड्रग्स बनाकर गुजरात सहित देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई करते थे."​फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाया जा रहा है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के तार और किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और मुख्य 'किंगपिन' कौन है.

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