Air India crash survivor: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सिविल अस्पताल का दौरा कर एयर इंडिया विमान हादसे में घायल हुए इकलौते जीवित यात्री, विश्वास कुमार रमेश से मुलाकात की। बातचीत के दौरान विश्वास ने बताया, मैं विमान से कूदा नहीं था, बल्कि दुर्घटना के वक्त सीट समेत बाहर आ गया था।
यह दर्दनाक हादसा शुक्रवार तड़के उस समय हुआ, जब लंदन के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की फ्लाइट ने करीब 1:38 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरी। टेक-ऑफ के महज कुछ सेकंड बाद ही विमान बीजे मेडिकल कॉलेज हॉस्टल की इमारत से टकरा गया। इस भयानक टक्कर में विमान में सवार 242 में से 241 लोगों की मौत हो गई।
भाई से अलग बैठे थे विश्वास कुमार रमेश
विश्वास कुमार रमेश, 40 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक हैं, जो भारत में अपने परिवार से मिलने आए थे। वह अपने बड़े भाई अजय कुमार रमेश (45) के साथ यूके लौट रहे थे। हादसे के समय विश्वास फ्लाइट की सीट 11A पर बैठे थे, जबकि उनके भाई किसी दूसरी पंक्ति में थे।
हादसे के कुछ घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें खून से लथपथ विश्वास कुमार एंबुलेंस की ओर जाते नजर आए। वीडियो ने पूरे देश को झकझोर दिया।
जब होश आया तो सिर्फ लाशें थीं
घटना को याद करते हुए विश्वास ने कहा, उड़ान भरने के करीब तीस सेकंड बाद एक जोरदार धमाका हुआ। अचानक सब कुछ हिलने लगा और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। जब होश आया, तो चारों तरफ सिर्फ लाशें थीं। मैं सदमे में था। किसी तरह खड़ा हुआ और भागने लगा। चारों तरफ मलबा बिखरा था। किसी ने मुझे पकड़कर एंबुलेंस में डाला और फिर अस्पताल लाया गया।”
प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें ढांढस बंधाया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। विश्वास की हालत अब स्थिर बताई जा रही है, हालांकि वे शारीरिक व मानसिक दोनों रूप से इस त्रासदी से जूझ रहे हैं।