दिल्ली से फरीदाबाद और पलवल के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों की सबसे बड़ी समस्या नेशनल हाईवे-44 (NH-44) का भारी ट्रैफिक माना जाता है, जिससे न सिर्फ थकान बढ़ जाती है, बल्कि ईंधन भी बहुत ज्यादा खर्च होता है. कई बार हालात इतने गंभीर हो जाते हैं, कि थकान के मारे लोग अपने परिवार को वक्त देना तो दूर, लोग सुकून की नींद के लिए भी तरस जाते हैं. इसी गंभीर समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए 'नमो भारत' (RRTS) रैपिड रेल परियोजना प्लान बन रहा है, जो दिल्ली-पलवल मार्ग पर सफर के अंदाज को पूरी तरह बदलकर रख देगी और इस रूट में रहने वाले लोगों को न सिर्फ सफर के लिहाज से फायदा पहुंचाएगी, रियल एस्टेट में भी उछाल लाने का काम करेगी. माना जा रहा है कि इस नए प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद जहां पहले दिल्ली से पलवल के लिए 2 से 2.5 घंटे का समय लगता था, यह घटकर 50 मिनट का रह जाएगा.

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कितना लंबा बनेगा ये कॉरिडोर?

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दिल्ली से पलवल के बीच लगभग 60 किलोमीटर लंबा एक आधुनिक रैपिड रेल कॉरिडोर तैयार किया जा सकता है. जमीन अधिग्रहण की पेचीदगियों और देरी से बचने के लिए इसे मुख्य रूप से ऊंचे पिलर वाले एलिवेटेड ट्रैक के रूप में बनाया जाएगा. यह ट्रैक किसी रिहायशी इलाके के अंदर जाने के बजाय राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल समानांतर (सटा हुआ) गुजरेगा, जिससे स्थानीय शहरी यातायात में भी किसी तरह की बाधा नहीं आएगी. इस शानदार डिजाइन के कारण सड़क मार्ग से लगने वाला 2 घंटे का थकाऊ समय घटकर महज 45 से 50 मिनट रह जाएगा, जिससे यात्रियों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी.

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क्या रहेगा इस नई परियोजना को रूट?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना के तहत यह नया रेल मार्ग दिल्ली के सराय काले खान हब से शुरू होकर हरियाणा के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा, जिससे रूट पर पड़ने वाले शहरों को भी इसका फायदा मिलेगा. जानकारी के मुताबिक, फरीदाबाद की सीमा में दाखिल होते ही 'सराय ख्वाजा' इसका पहला बड़ा स्टेशन बनेगा. इसके बाद सबसे महत्वपूर्ण जंक्शन 'बाटा चौक' होगा, जिसे सीधे चालू दिल्ली मेट्रो लाइन से जोड़ दिया जाएगा ताकि यात्री आसानी से ट्रेन बदल सकें. इसके साथ ही, भविष्य में गुरुग्राम और नोएडा को जोड़ने वाली पैरेलल रैपिड रेल भी बाटा चौक पर आकर मिलेगी, जिससे पलवल से आने वाले लोग आसानी से अपने रूट पर जा सकेंगे. इसके बाद यह मार्ग बल्लभगढ़ और पृथला के औद्योगिक क्षेत्रों को कवर करते हुए पलवल तक पहुंचेगा.

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सराय काले खां से अलग-अलग राज्य के लिए मिलेगी नमो भारत ट्रेन

सराय काले खां पर इस नए प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-पानीपत और दिल्ली-अलवर रैपिड रेल रूट भी जुड़े रहेंगे. यानी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक सफर आसानी से किया जा सकेगा. सराय काले खां में मेट्रो, रेलवे और बस अड्डा भी है. जो इसे यात्रियों के सुविधाजनक बनाएगा.

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एक नजर में समझें प्रोजेक्ट

इस हाई-स्पीड रेल परियोजना के प्रमुख तकनीकी पहलुओं और मुख्य बातों को नीचे दी गई टेबल की मदद से आसानी से समझा जा सकता है:

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परियोजना का पैमानामुख्य बातें और योजना
कुल मार्ग की लंबाईलगभग 60 किलोमीटर
कॉरिडोर का प्रकारनेशनल हाईवे के साथ चलेगा ज्यादातर एलिवेटेड (ऊंचा) मार्ग
समय की बड़ी बचतसड़क मार्ग का 2 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 45-50 मिनट का होगा
प्रमुख इंटरचेंज हबबाटा चौक (फरीदाबाद) - दिल्ली मेट्रो और गुरुग्राम-नोएडा लाइन से जुड़ाव

औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा लाभ

नमो भारत कॉरिडोर सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. यह रेल मार्ग बल्लभगढ़, पृथला और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधा देने का काम करेगा. इससे कर्मचारियों की आवाजाही आसान होगी. तेज परिवहन व्यवस्था के कारण व्यापार भी अभी उछाल आ सकता है, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक मजबूती बढ़ सकती है.

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