संसद मार्च निकालने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी को दिल्ली पुलिस ने बड़ा झटका दिया है. दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में CJP के संसद मार्च के खिलाफ FIR दर्ज की है. क्योंकि संसद मार्च के दौरान CJP के प्रदर्शनकारियों ने दोनों इलाकों में खूब बवाल काटा. प्रदर्शनकारियों ने कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल में रीगल सिनेमा के पास पुलिस की गाड़ियों में तोड़-फोड़ और पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की. इसलिए पुलिस को भी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले फेंककर भीड़ को खदेड़ना पड़ा. इसी हिंसा और पत्थरबाजी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.

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दिल्ली पुलिस इन पॉइंट्स पर कर रही जांच

हिंसा और पथराव मामले की जांच करते हुए पुलिस यह जानना चाहती है कि प्रदर्शन के दौरान सबसे पहले बैरिकेड तोड़ने या तनाव बढ़ाने की शुरुआत किसने की? पुलिस के लिए यह सबसे जानना महत्वपूर्ण इसलिए है, क्योंकि इस प्रोटेस्ट में छात्रों के अलावा ड्राइवर से लेकर अन्य पेशे के लोग भी शामिल थे. पुलिस को शक है कि छात्रों के इस प्रोटेस्ट को हाईजैक किया गया. बैरिकेड तोड़कर छात्रों को उकसाया गया. पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की फॉरेंसिक जांच कराना चाहती है, ताकि पता चल सके कि वीडियो एडिटेड या भ्रामक तो नहीं हैं. प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करनी है.

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पुलिस को प्रदर्शन हाइजैक किए जाने का शक

जांच करते हुए पुलिस CCTV, ड्रोन और पुलिस बॉडी कैमरा फुटेज का एनालिसिस करना चाहती है, ताकि यह पता चले कि क्या किसी संगठन या बाहरी तत्व ने जानबूझकर माहौल बिगाड़ने या हिंसा भड़काने की कोशिश की है. घटनास्थल से मिले डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच करनी है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जाने हैं. दोनों थानों में पुलिस ने उप्रदवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत FIR दर्ज की है. इसमें सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, दंगा-हिंसा करने, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने से संबंधित धाराएं भी जोड़ी गई हैं.

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118 से ज्यादा पुलिसकर्मी हिंसा-पथराव में घायल

बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शनकारियों BNS की धारा 163 का उल्लंघन किया. पथराव, तोड़-फोड़ और झड़प में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए. घायलों में स्पेशल CP, जॉइंट CP, एडिशनल CP, DCP, एडिशनल DCP और ACP लेवल के अधिकारी और महिला पुलिसकर्मी शामिल हैं. 50 से ज्यादा प्रदर्शनकारी भी घायल हुए. 15 से 20 सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान भी पहुंचाया गया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया. पुलिस कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और हिंसा में शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी.

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मुंबई में भी प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ एक्शन

बता दें कि मुंबई के दादर में चैत्यभूमि इलाके में सोनम वांगचुक के सपोर्ट में प्रोटेस्ट हुआ था, जिसमें शामिल हुए स्टूडेंट्स पर भी केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने बिना परमिशन और कर्फ्यू ऑर्डर के बावजूद प्रोटेस्ट करने वाले स्टूडेंट्स को हिरासत में लिया था. माटुंगा पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया और प्रोटेस्ट करने वालों को क्राइम की जांच के लिए सुबह 10 बजे बुलाया गया है. मुंबई के माहिम पुलिस स्टेशन में प्रोटेस्ट करने वालों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड के सेक्शन 189(2), 189(3), 189 (5), 223 के साथ-साथ महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के सेक्शन 37, 135, G. Reg. C. 00/2026 के तहत केस दर्ज किया गया है.

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पुलिस ने उन्हें 27 जुलाई को सुबह 10 बजे जांच के लिए शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन में हाजिर होने का आदेश दिया है. निर्देश हैं कि अगर आप जांच के लिए हाजिर नहीं होते हैं तो यह समझा जाएगा कि आपके पास कहने के लिए कुछ नहीं है तो आपके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.