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Delhi News: कोलंबिया यूनिवर्सिटी की तरह दिखेगा दिल्ली का यह स्कूल, जानें डिटेल्स

नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर स्थित राजकीय सर्वाेदय कन्या-बाल विद्यालय में नई इमारत की आधारशिला रखी। इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बिल्डिंग तैयार होने के बाद यह स्कूल कोलंबिया यूनिवर्सिटी की तरह दिखाई देगा। पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बनाया था प्लान […]

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नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर स्थित राजकीय सर्वाेदय कन्या-बाल विद्यालय में नई इमारत की आधारशिला रखी। इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बिल्डिंग तैयार होने के बाद यह स्कूल कोलंबिया यूनिवर्सिटी की तरह दिखाई देगा।

पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने बनाया था प्लान

सीएम ने कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस स्कूल की इमारत का प्लान बनाया था। उनके द्वारा शुरू की गई शिक्षा क्रांति को हम मिशन मोड पर यूं ही जारी रखेंगे। मनीष सिसोदिया ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को शानदार बनाया तो उनको जेल में डाल दिया गया। सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों की भगवान हमेशा परीक्षा लेते हैं। भगवान मनीष सिसोदिया की भी कड़ी परीक्षा ले रहे है।

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पहले सरकारी स्कूलों का बहुत बुरा हाल था 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज राजकीय सर्वाेदय कन्या-बाल विद्यालय में अतिरिक्त क्लास रूम की आधारशिला रखी गई है। मैं समझता हूं कि यहां पर पढ़ाई का स्तर पहले से ही अच्छा हो गया है। इस स्कूल में पढ़ाई का स्तर इतना उंचा हो गया है कि अब यहां पर फ्रैंच, जर्मन, स्पैनिश और जैपनिज चार विदेशी भाषाएं पढ़ाई जाती हैं। मैं चुनौती देता हूं कि दिल्ली में कई बड़े-बड़े स्कूल हैं, उनमें भी ये चारों विदेशी भाषाएं नहीं पढ़ाई जाती हैं। दिल्ली के किसी भी प्राइवेट स्कूल में फ्रैंच, जर्मन, स्पैनिश और जैपनिज विदेशी भाषाएं नहीं पढ़ाई जाती है, लेकिन ये भाषाएं अब दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ाई जाती है।

आजादी के बाद षड्यंत्र के तहत बड़ी तेजी से सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क किया गया 

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 1947 में जब हमारा देश आजाद हुआ था, तब प्राइवेट स्कूल ज्यादा नहीं होते थे। तब सरकारी स्कूल ही होते थे। उस समय जितने आईएएस, आईपीएस बनते थे, वो भी सरकारी स्कूल से ही पढ़े होते थे। जितने बड़े-बड़े वैज्ञानिक बनते थे, वो भी सरकारी स्कूल से ही पढ़े होते थे। जितने अरबपति बनते थे, उनमें से कई सरकारी स्कूलों से पढ़े होते थे। मैं समझता हूं कि आजादी के बाद षड्यंत्र के तहत बड़ी तेजी के साथ सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क कर दिया गया और पूरे देश में बहुत बड़े स्तर पर प्राइवेट स्कूल बनते गए। 1990 और 2000 के दशक में देश भर में सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क कर दिया और प्राइवेट स्कूल बहुत शानदार हो गए।

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पिछले 7-8 साल में दिल्ली में आई क्रांति के पीछे एक ही व्यक्ति है

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बड़े-बड़े सपने देखने लगे हैं। सरकारी स्कूलों के बच्चे भी डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, आईएएस, आईपीएस बनने लगे हैं। मैं आईआईटी से पढ़ा हुआ है। आईआईटी देश का सबसे बड़ा इंजीनियरिंग स्कूल है। आईआईटी में एडमिशन लेना बड़ा मुश्किल काम होता है। अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चे आईआईटी में जा रहे है। मुझे बहुत अच्छा लगता है कि जिस कॉलेज से मैं पढ़ा, उसमें अब हमारे सरकारी स्कूलों के बच्चे जा रहे हैं। ऑल इंडिया मेडिकल कॉलेज देश का सबसे बड़ा कॉलेज हैं। अब हमारे सरकारी स्कूलों के बच्चे ऑल इंडिया मेडिकल में एडमिशन ले रहे हैं। दिल्ली के सरकारी स्कूलों की शिक्षा में बहुत बड़ी क्रांति आई है। पिछले 7-8 साल के अंदर दिल्ली में यह जो क्रांति आई है, इस क्रांति के पीछे एक ही व्यक्ति मनीष सिसोदिया है। पिछले 75 सालों में धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों का बेड़ा गर्क किया गया।

First published on: Apr 08, 2023 07:06 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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