खबर की मुख्य बातें:-

  • NHAI ने दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले लगभग 1205 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क को हाईटेक बनाने का फैसला लिया है.
  • नई योजना के तहत सड़कों पर 'उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली' (ATMS) को लागू किया जा रहा है.
  • आधुनिक तकनीक की मदद से सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी और वाहन चालकों को सड़क हादसों से बचाने में भी मदद मिलेगी.
  • ATMS आधुनिक तकनीक NCR के अलग-अलग हाइवे में लगाए जाएंगे.

दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों के लिए एक बेहद शानदार खबर सामने आ रही है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले लगभग 1205 किलोमीटर लंबे हाईवे नेटवर्क को पूरी तरह हाईटेक बनाने का फैसला किया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नई योजना के तहत सड़कों पर 'उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली' (ATMS) को लागू किया जा रहा है. इस नई और आधुनिक तकनीक की मदद से न सिर्फ सड़कों पर लगने वाले भारी ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि वाहन चालकों को सड़क हादसों से बचाने के लिए भी यह सिस्टम बेहद कारगर साबित होगा.

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किन हाईवे पर मिलेगा ATMS सिस्टम?

  • दिल्ली-गुरुग्राम-कोटपुतली (NH-48), दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (NE-3), दिल्ली-सहारनपुर (NH-709B) समेत कई प्रमुख हाईवे इस योजना में शामिल किए गए हैं.
  • मेरठ-मुजफ्फरनगर (NH-58), मेरठ-बुलंदशहर (NH-235), मेरठ-नजीबाबाद (NH-119) के अलावा रेवाड़ी, भिवाड़ी, बागपत, पानीपत, द्वारका, शामली और फरीदाबाद से जुड़े राष्ट्रीय राजमार्ग भी इस परियोजना का हिस्सा होंगे.
  • पहले चरण में 1205 किलोमीटर हाईवे को कवर किया जाएगा. इनमें से 408 किलोमीटर पर नए ATMS उपकरण लगाए जाएंगे, जबकि 797 किलोमीटर के मौजूदा सिस्टम को और आधुनिक बनाया जाएगा.
  • हाईवे पर ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरे, वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम, स्पीड डिस्प्ले यूनिट और अन्य स्मार्ट उपकरण लगाए जाएंगे.

इन खास फीचर्स की मदद से 24 घंटे रखी जाएगी पैनी नजर

इस पूरी परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए सड़कों पर कई तरह के अत्याधुनिक उपकरण और सेंसर लगाए जा रहे हैं, जो पूरी तरह ऑटोमैटिक काम करेंगे:

  • ट्रैफिक मॉनिटरिंग कैमरा सिस्टम (TMCS): योजना के तहत हाईवे के चप्पे-चप्पे पर 24 घंटे नजर रखने के लिए विशेष कैमरे लगाए जाएंगे, जो गाड़ियों की रफ्तार पर नजर रखेंगे.
  • वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन एवं एन्फोर्समेंट सिस्टम (VIDES): यह एआई (AI) तकनीक सड़क पर होने वाले किसी भी हादसे या यातायात के नियमों को तोड़ने वाले वाहनों की तुरंत पहचान कर लेगी.
  • ई-चालान और डिजिटल लिंकेज: इस पूरे नेटवर्क को सीधे ई-चालान प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, जिससे नियम तोड़ने वालों का तुरंत डिजिटल चालान कट जाएगा.
  • स्पीड डिस्प्ले और हेल्पलाइन अलर्ट: सड़कों पर 'वाहन-सक्रिय स्पीड डिस्प्ले' (VASD) लगेंगे, जो चालकों को गति सीमा की जानकारी देंगे, साथ ही इसे राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 और 'राजमार्ग यात्रा' मोबाइल ऐप से भी जोड़ा जाएगा.

AI के जरिए कंट्रोल होगा पूरी सड़क

इस पूरी डिजिटल प्रणाली को कंट्रोल करने के लिए बहु-स्तरीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर (CCC) का निर्माण किया जा रहा है, जो स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर काम करेंगे. इस परियोजना के मुख्य केंद्र के रूप में दिल्ली-एनसीआर के सोहना में एक विशाल 'क्षेत्रीय एटीएमएस कमांड एवं कंट्रोल सेंटर' स्थापित किया जाएगा. जानकारी के मुताबिक, यह आधुनिक सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पूरे हाईवे कॉरिडोर की लाइव निगरानी करेगा. किसी भी आपातकालीन स्थिति या सड़क दुर्घटना के समय यह सेंटर तुरंत एम्बुलेंस और राहत दल को घटना स्थल पर भेजने के लिए समन्वय स्थापित करेगा, जिससे घायलों को समय पर मेडिकल सहायता मिल सके और यात्री सेवाएं अधिक प्रभावी हो सकें.

मुख्य बातें:- दिल्ली-एनसीआर के 1205 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर AI आधारित ATMS सिस्टम लागू होने से ट्रैफिक प्रबंधन अधिक स्मार्ट होगा. इससे जाम और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है, साथ ही यात्रियों को रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट, बेहतर सुरक्षा और तेज यात्रा जैसी सुविधाएं मिलेंगी.

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