दिल्ली में रहने वाले लाखों लोगों के लिए आने वाले साल राहत भरे साबित हो सकते हैं. राजधानी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक, लंबा सफर और प्रदूषण की समस्या के बीच दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने मेट्रो विस्तार का बड़ा ब्लूप्रिंट तैयार किया है. फेज-5 के तहत करीब 97 किलोमीटर लंबा नया मेट्रो नेटवर्क बनाने की योजना बनाई गई है, जिससे राजधानी के कई ऐसे इलाके भी मेट्रो से जुड़ जाएंगे जहां अभी तक यह सुविधा नहीं पहुंच सकी है. माना जा रहा है कि इस विस्तार के बाद लोगों का रोजाना सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान, तेज और आरामदायक हो जाएगा. खास बात यह है कि कई नए रूट ऐसे इलाकों से गुजरेंगे जहां लंबे समय से मेट्रो कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी. इस प्रोजेक्ट को दिल्ली की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है.
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न नए रूट्स पर दौड़ सकती है मेट्रो
डीएमआरसी के अधिकारियों के मुताबिक फेज-5B के तहत सात नए मेट्रो कॉरिडोर की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दी गई है. प्रस्तावित रूट्स में धांसा बस स्टैंड से नांगलोई, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से किशनगढ़, समयपुर बादली से नरेला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, कीर्ति नगर से पालम, जोर बाग से मिठापुर, मयूर विहार फेज-3 से शास्त्री पार्क और केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक के कॉरिडोर शामिल हैं. इन रूट्स के शुरू होने से बाहरी दिल्ली और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा कई इंटरचेंज स्टेशन भी बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन में बदलना आसान होगा और यात्रा का समय काफी कम हो सकेगा.
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फेज-4 और फेज-5A पर भी तेजी से चल रहा काम
दिल्ली मेट्रो का विस्तार सिर्फ फेज-5B तक सीमित नहीं है. डीएमआरसी फेज-5A के तहत भी नए रूट्स की तैयारी कर रहा है. इसमें आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक मेट्रो लाइन बिछाने की योजना शामिल है. वहीं फेज-4 के कई प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम जारी है. साथ ही इस साल के अंत तक कुछ नए कॉरिडोर शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है. सरकार का लक्ष्य है कि 2028 तक राजधानी का मेट्रो नेटवर्क और ज्यादा आधुनिक और बेहतर बनाया जाए ताकि लोगों को निजी वाहनों पर कम निर्भर रहना पड़े और ट्रैफिक जाम में राहत मिल सके.
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फेज-5 से दिल्लीवालों को मिल सकते हैं ये बड़े फायदे
- बाहरी दिल्ली और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को पहली बार तेज और सस्ती मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे रोजाना ऑफिस आने-जाने में समय की बड़ी बचत हो सकेगी.
- नए इंटरचेंज स्टेशन बनने से यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच सफर करना आसान होगा और बार-बार वाहन बदलने की परेशानी कम होगी.
- मेट्रो विस्तार के बाद सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घट सकती है, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आने की उम्मीद है.
- जिन इलाकों में नई मेट्रो लाइन पहुंचेगी वहां प्रॉपर्टी की कीमतों, व्यापार और रियल एस्टेट बिजनेस में तेजी देखने को मिल सकती है.
- हालांकि अभी फेज-5B योजना को अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है. सरकार की स्वीकृति के बाद ही रूट और स्टेशन फाइनल होंगे. लेकिन इतना तय है कि अगर यह प्रोजेक्ट जमीन पर उतरता है तो आने वाले सालों में दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क और भी विशाल और आधुनिक हो जाएगा.
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