Delhi मेट्रो में साड़ी फंसने से महिला की मौत से लें सबक, पैसेंजर्स चढ़ते-उतरते समय न करें 7 गलतियां

Delhi Metro Accident Latest Update: शादी में शिरकत करने के लिए महिला घर से निकली, लेकिन वापस उसकी लाश आई। एक हादसे ने उसकी जान ले ली, वहीं मामले में अब बड़ा कदम उठाया गया है।

Delhi Metro Accident

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Delhi Metro Accident Latest Update: दिल्ली मेट्रो 21 साल के इतिहास में पहली बार जानलेवा बन गई। 3 दिन पहले मेट्रो के सेंसर्ड दरवाजे में साड़ी फंसने से घायल हुई महिला ने रविवार तड़के दम तोड़ दिया। सफदरजंग अस्पताल की मोर्चरी में शव को रखा गया है, लेकिन हादसे में घायल महिला की जान 4 अस्पताल भी नहीं बचा पाए। जैसे ही महिला की मौत होने की खबर फैली, आनन फानन में DMRC ने मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CMRS) के नेतृत्व में एक जांच कमेटी बनाई और हादसे की गहन जांच करने के आदेश दिए। वहीं कमेटी की जांच रिपोर्ट आने तक DMRC प्रशासन ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। नेता जी सुभाष प्लेस मेट्रो थाना पुलिस भी अपनी जांच करने में जुटी है। हादसे की जांच के लिए मेट्रो स्टेशन पर लगे CCTV की फुटेज कब्जे में ले ली गई है।

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भांजे की शादी में जाने के लिए निकली थी घर से

हादसा इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन पर हुआ। मृतका रीना दिल्ली के नांगलोई की रहने वाली थी। उसकी एक 12 साल की बेटी और 10 साल का बेटा है। पति रवि की 9 साल पहले ब्रेन ट्यूमर से मौत हो गई थी। वह सब्जी की रेहड़ी लगाकर गुजारा करती थी। गुरुवार को मेरठ में बागपत रोड स्थित सूरत सिनेमा के पास पैलेस में भांजे की शादी में शामिल होने के लिए निकली थी। उसने नांगलोई स्टेशन से मेट्रो पकड़ी। इंद्रलोक स्टेशन पर रेड लाइन से मोहन नगर के लिए मेट्रो ली, लेकिन बेटा पीछे छूट गया तो वह मेट्रो से बाहर आ गई, लेकिन अचानक दरवाजा बंद होने से उसकी साड़ी दरवाजे में फंस गई। सेंसर काम नहीं कर रहे थे, जिस वजह से दरवाजा खुल नहीं पाया और मेट्रो चल पड़ी।

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कोमा में थी, दिमाग और कॉलर बोन में फ्रैक्चर मिले

रीना प्लेटफार्म पर  घिसटती चली गई। आखिर में प्लेटफार्म से टकराकर वह गिर गई। उसे लोगों ने बेहोशी की हालत में अशोक विहार के दीपचंद बंधु अस्पताल में पहुंचाया, जहां उसे ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया। फिर उसे लोकनायक अस्पताल रेफर किया गया। वहां से उसे RML अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन हालत नहीं सुधरने पर उसे सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी में न्यूरो सर्जरी वार्ड के ICU में भर्ती किया गया, जहां 3 दिन चले इलाज के बाद रविवार को उसने दम तोड़ दिया। रीना के दिमाग, कॉलर बोन और शरीर में कई जगहों पर फ्रैक्चर था। वह कोमा में थी। इस तरह पिता के बाद मां भी 2 बच्चों को अनाथ छोड़कर दुनिया से चली गई।

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मेट्रो में चढ़ते-उतरते वक्त 7 सावधानियां बरतें

  • चढ़ने-उतरने में जल्दबाजी न करें।
  • भीड़ होने पर जबरदस्ती न घुसें।
  • चढ़ते-उतरते वक्त कपड़ों का ध्यान रखें।
  • गेट बंद हो रहे हों तो कोई अंग फंसाकर रोकने की कोशिश न करें।
  • किसी पैसेंजर का कपड़ा फंस गया हो तो तुरंत इमरजेंसी बटन दबाकर ड्राइवर को बताएं।
  • कोई नाबालिग ट्रेन में नहीं चढ़ पाया तो खुद को खतरे में डालकर उसकी मदद न करें।
  • आपका बच्चा अगर ट्रेन में चढ़ या उतर नहीं पाया तो खुद को भी खतरे में न डालें।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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