खबर की मुख्य बातें:-
- दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) द्वारका के यशोभूमि स्टेशन से गुरुग्राम के राजीव चौक तक नया मेट्रो कॉरिडोर बनाने की तैयारी कर रहा है.
- इसके साथ ही द्वारका सेक्टर-21 से गुरुग्राम सेक्टर-21 के बीच भी मेट्रो कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट डीपीआर (DPR) तैयार की गई है.
- दिल्ली मेट्रो फेज-5 (B) के तहत राजधानी में 48 हजार करोड़ रुपये की लागत से 7 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे नेटवर्क 97 किमी और फैलेगा.
दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने द्वारका एक्सप्रेसवे पर स्थित यशोभूमि मेट्रो स्टेशन से लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित गुरुग्राम के राजीव चौक तक एक नया मेट्रो रूट विकसित करने की योजना बनाई है. इस प्रोजेक्ट के लिए प्रारंभिक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (ड्राफ्ट डीपीआर) तैयार कर केंद्रीय शहरी एवं आवासन मंत्रालय के पास स्वीकृति के लिए भेजी गई थी.
मंत्रालय ने इस रूट की समीक्षा करते हुए इसमें कुछ जरूरी बदलाव करने के निर्देश दिए हैं, जिसके बाद संशोधित योजना पर काम शुरू हो गया है. इस नए ट्रैक के बनने से द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के नए सेक्टरों और सोसायटियों में रहने वाले लोगों को सीधे दिल्ली आने-जाने का बेहतरीन जरिया मिल जाएगा, जिससे राजधानी और गुरुग्राम के बीच का सफर पहले से कई गुना ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा और रोजाना के भारी ट्रैफिक और मेट्रो की भीड़ से भी काफी हद तक राहत मिलेगी.
48 हजार करोड़ से बदल जाएगी राजधानी की तस्वीर
आने वाले समय में सिर्फ दिल्ली-गुरुग्राम ही नहीं, बल्कि पूरी दिल्ली में मेट्रो का जाल और ज्यादा चौड़ा होने वाला है. दिल्ली मेट्रो फेज-5 (B) के अंतर्गत राजधानी में कुल 7 नए शानदार मेट्रो कॉरिडोर बनाने का खाका खींचा गया है. इस विशाल परियोजना के निर्माण पर लगभग 48,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बड़ी धनराशि खर्च की जाएगी. इस योजना के धरातल पर उतरने से दिल्ली में कुल 65 नए मेट्रो स्टेशन बनेंगे और वर्तमान मेट्रो नेटवर्क में 97 किलोमीटर की अतिरिक्त लंबाई जुड़ जाएगी. नए रूट्स में ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई, केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़ और समयपुर बादली से नरेला जैसे महत्वपूर्ण रास्ते शामिल हैं, जो शहर के सुदूर इलाकों को सीधे मुख्य नेटवर्क से जोड़ देंगे.
जानिए कहां बनेंगे नए रास्ते
- फेज-5 (B) के तहत जिन 7 नए रूटों पर काम होना है, उनकी रूपरेखा और लंबाई इस प्रकार तय की गई है:
- ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई: 11.85 किमी लंबा यह पूरा रूट एलिवेटेड होगा, जिसमें 9 स्टेशन शामिल हैं.
- केंद्रीय सचिवालय से किशनगढ़: 15.96 किमी लंबे इस कॉरिडोर पर 10 स्टेशन होंगे (9 अंडरग्राउंड और 1 एलिवेटेड).
- समयपुर बादली से नरेला: 12.89 किमी का यह कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड होगा और इसमें 8 स्टेशन बनेंगे.
- कीर्ति नगर से पालम: इसकी कुल लंबाई 9.96 किलोमीटर निर्धारित की गई है.
- जोर बाग से मीठापुर: 16.99 किमी लंबा यह रूट दिल्ली की कई घनी आबादी वाली कॉलोनियों को आपस में जोड़ेगा.
- शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3: करीब 13.19 किमी लंबे इस कॉरिडोर का अधिकतम हिस्सा (8.99 किमी) अंडरग्राउंड रहेगा.
- केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34: 16.28 किमी लंबे इस पूरी तरह एलिवेटेड ट्रैक पर यात्रियों के लिए 12 नए स्टेशन बनाए जाएंगे.
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