CM Rekha Gupta Attack: दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता पर आज सुबह जन सुनवाई के दौरान एक शख्स ने अचानक हमला कर दिया, जिसके बाद उनके सिर पर चोट लग गई थी। दरअसल, मामला कुछ ऐसा था कि शख्स काफी गुस्से में था और उसे अपने किसी परिजन को जेल से छुड़वाना था। इस समस्या का समाधान लेने के लिए आए शख्स ने सीएम को एक तरफ से लपका और फिर धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पास पड़ी मेज या किसी कुर्सी का कोना मुख्यमंत्री के सिर पर जा टकराया।
हालांकि, अब तक ऐसा कोई अपडेट नहीं मिला है कि सीएम को कितनी चोट लगी है। मगर इस मामले के बाद यह जानना बहुत जरूरी है कि हमें कब सिर पर लगी चोट को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कब सिर की चोट हो जाती है गंभीर?
सिर की चोट ऐसी होती हैं, जो सीधे दिमाग को नुकसान पहुंचाती है। ऐसे में यदि चोट गंभीर हो जाए तो खोपड़ी और मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित हो जाती है। कई बार सिर की चोटें मामूली दिखाई पड़ती है मगर खोपड़ी के अंदर ब्लीडिंग हो जाती है। इसे इंटरनल ब्लीडिंग कहते हैं। इंटरनल ब्लीडिंग ज्यादा हो जाए तो कई बार इंसान की मौत भी हो जाती है।
खेलते-कुदते समय लगने वाली चोट गंभीर
मेयो क्लीनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, एक युवा फूटबॉल खिलाड़ के मैच के दौरान सिर पर चोट लगी थी जिसके बाद उसे शुरुआत में कोई समस्या नहीं हुई लेकिन नजरअंदाज करने की गलति उस पर इस कदर भारी पड़ गई थी। दरअसल, उसके सिर पर हल्की सी चोट लगी थी मगर बाद में उसके ब्रेन में सूजन हो गई थी। इसे गुम चोट कहा जाता है जिसका नाम हेमेटोमा कहते हैं।
क्या है हेमेटोमा?
हेमेटोमा शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। इसमें मुख्यत: किसी स्थान पर चोट लगने से खून जमने लगता है। इसके दो ही कारण होते हैं चोट या फिर सर्जरी के दौरान की गई गड़बड़ी। दिल्ली सीएम को भी सिर में इस प्रकार चोट लगने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि, अब तक पूरी बात सामने नहीं आई है।
कितने प्रकार की होती है सिर की चोट?
बंद सिर की चोटें- ऐसी चोटों में सिर से खून नहीं निकलता है मगर खोपड़ी के अंदर दिमाग की नसों को बहुत ज्यादा नुकसान हो जाता है।
खुली चोटें- इस प्रकार की हेड इंजरी में मरीज के सिर की त्वचा फट जाती है और खून बाहर निकल जाता है। ऐसी चोट में शरीर से खून निकलने की वजह से इंसान गंभीर स्थिति में पहुंच जाता है।
सिर की चोट क्यों नहीं करनी चाहिए इग्नोर?
सिर पर चोट लगने के बाद कॉन्सियशनेस की समस्या हो सकती है, डर और घबराहट की समस्या हो सकती है। सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद डिमेंशिया की बीमारी भी हो सकती है, जो देर से मरीज को पता चलती है। ऐसी चोटें लगने पर इंसान अपने शरीर का संतुलन बनाने में भी दिक्कत महसूस करता है। याददाश्त में कमजोरी, कोमा में जाना या फिर गुस्सा और चिड़चिड़ेपन की समस्याएं भी हो सकती हैं।