Chandni Chowk Assembly Seat: दिल्ली विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों का प्रचार चरम पर है। चांदनी चौक दिल्ली की हॉट सीटों में शुमार है, यहां कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आम आदमी पार्टी (AAP) ने बड़े चेहरों पर दांव खेला है। कांग्रेस ने मुदित अग्रवाल को टिकट दिया है, जबकि आप ने मौजूदा विधायक प्रह्लाद सिंह साहनी के बेटे पुरनदीप साहनी को टिकट दिया है। बीजेपी ने सतीश जैन पर दांव खेला है। चांदनी चौक इलाके की पहचान कारोबारी हब के तौर पर होती है। यहां के चुनावी नतीजे को व्यापारियों के संदेश के साथ जोड़ा जाता है।
यही वजह है कि तीनों प्रमुख दलों ने बड़े चेहरों को मैदान में उतारा है। कांग्रेस प्रत्याशी मुदित अग्रवाल के पिता जयप्रकाश अग्रवाल इलाके की राजनीति में सक्रिय रहे हैं। वे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष रह चुके हैं, चांदनी चौक से सांसद भी बन चुके हैं। वहीं, पुरनदीप के पिता प्रह्लाद साहनी 5 बार विधायक रह चुके हैं। पुरनदीप मौजूदा समय में इसी इलाके से पार्षद हैं।
बीजेपी को जीत का इंतजार
2020 के विधानसभा चुनाव में प्रह्लाद सिंह साहनी 65.92 फीसदी मत हासिल कर विधायक बने थे। बीजेपी कैंडिडेट सुमन गुप्ता को सिर्फ 21307 वोट मिले थे। प्रह्लाद साहनी ने 29584 वोटों से जीत हासिल की थी। कांग्रेस ने अलका लांबा को टिकट दिया था, जिनको सिर्फ 3881 (5.03 फीसदी) वोट मिले थे। 2015 में यहां से अलका लांबा आप के टिकट पर लगभग 36756 वोट लेकर चुनाव जीती थीं। बीजेपी के सुमन गुप्ता दूसरे और कांग्रेस के प्रह्लाद साहनी तीसरे नंबर पर रहे थे।
इस सीट पर बीजेपी सिर्फ 1993 में आखिरी बार जीती थी। इसके बाद अब तक पार्टी को यहां से जीत का इंतजार है। इस सीट पर 30 फीसदी वोटर मुस्लिम हैं। चांदनी चौक विधानसभा सीट पर कुल 126233 मतदाता हैं, जिनमें 68547 पुरुष और 57667 महिलाएं शामिल हैं। इस सीट पर 19 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं। चांदनी चौक सीट पर बड़े मुद्दे बिजली-पानी की समस्या और जर्जर तार हैं। कई दफा लटकते तारों को हटवाने के लिए लोग गुहार लगा चुके हैं। चांदनी चौक इलाके में लाल किला और जामा मजिस्द हैं। वहीं, दिल्ली का सबसे पुराना और चर्चित मीना बाजार इसी क्षेत्र में है। देखने वाली बात होगी कि आप की यहां से हैट्रिक लगेगी या बीजेपी-कांग्रेस कोई कमाल दिखा पाएगी।