दिल्ली की अनधिकृत कालोनियों में लगाए जाएंगे 500 आरओ प्लांट, 471 प्लांट की जमीन चिंहित
Edited By Amit Kasana

arvind kejriwal
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नई दिल्ली: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अब खुद दिल्ली में उपलब्ध पानी और उसकी आपूर्ति पर नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य है कि पानी की बर्बादी रोक कर एक-एक बूंद बचाया जाए, ताकि दिल्ली वालों को साफ और पर्याप्त पेयजल मुहैया कराया जा सके। मुख्यमंत्री ने सोमवार को दिल्ली जल बोर्ड को रोजाना वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से उत्पादित पानी और डब्ल्यूटीपी से टैपिंग व प्राइमरी यूजीआर तक पहुंचने वाले पानी का डेटा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
सीएम ने अनुसार अनधिकृत कालोनियों समेत पानी की कमी वाले क्षेत्रों में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ट्यूबवेल के साथ पहले चरण में 500 आरओ प्लांट लगाए जाएंगे। डीजेबी ने अब तक 471 आरओ प्लांट के लिए जमीन चिंहित कर ली है। योजना है कि आरओ प्लांट से पानी लेने के लिए लोगों को आरएफ आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। सीएम केजरीवाल ने अधिकारियों को ट्यूबवेल्स और आरओ प्लांट्स लगाने के लिए जमीन संबंधित लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने का निर्देश दिया है। सीएम ने कहा कि दिल्ली की जनता को भरपूर और साफ पानी उपलब्ध कराना हमारी पहली प्राथमिकता है। हमें एक-एक बूंद पानी का इस्तेमाल करना है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को दिल्ली जल बोर्ड अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में दिल्ली में प्रतिदिन उत्पादित होने वाले पानी की निगरानी, ट्रीटेड पानी को पार्कों तक पहुंचाने, आरओ प्लांट लगाने और ट्यूबवेल्स व आरओ प्लांट्स के लिए जमीन संबंधित मुद्दों पर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई और मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में जल मंत्री सौरभ भारद्वाज, दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ, डिसुब, एमसीडी, वन विभाग समेत सभी संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समीक्षा बैठक में सीएम ने दिल्ली में उत्पादित किए रहे पानी और उसकी आपूर्ति पर सबसे ज्यादा बल दिया। सीएम ने दिल्ली जल बोर्ड से दिल्ली में उत्पादित होने वाले कुल पानी और उसकी आपूर्ति की पूरी जानकारी ली और कहा कि अब वे स्वयं पानी के उत्पादन और आपूर्ति पर रोजाना नजर रखेंगे। सीएम ने दिल्ली जल बोर्ड से कहा कि कल से मुझे रोजाना पानी के उत्पादन और आपूर्ति का डेटा चाहिए। सीएम ने डीजेबी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से उत्पादित होने वाले पानी, डब्ल्यूटीपी से टैपिंग तक और टैपिंग से प्राइमरी यूजीआर तक पहुंचने वाले पानी का डेटा रोजाना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के जितने भी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हैं, उनकी क्षमता बढ़ाने पर तेजी से काम चल रहा है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि अगले साल तक एसटीपी की क्षमता बढ़कर 950 एमजीडी तक हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड को प्रत्येक एसटीपी से ट्रीटेड पानी का कैसे इस्तेमाल करेंगे, इसका प्लान बनाकर देने का निर्देश दिया है। हालांकि दिल्ली जल बोर्ड ने एसटीपी से ट्रीटेड पानी के इस्तेमाल को लेकर एक प्लान बनाया है, लेकिन अब इसमें और सुधार करेगा, ताकि 100 फीसद ट्रीटेड पानी का इस्तेमाल हो सके।
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