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नीतीश कुमार दशरथ, लेकिन मैं वनवास नहीं जा रहा; विधानसभा में तेजस्वी यादव के भाषण की 10 बड़ी बातें  

Tejashwi Yadav in Bihar Assembly: तेजस्वी यादव ने कहा कि राजा दशरथ यह नहीं चाहते थे श्री राम वनवास जाएं। लेकिन कैकई ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया।

Tejashwi Yadav: बिहार विधानसभा में सोमवार को तेजस्वी यादव के स्वर कुछ बदले- बदले से दिखे। विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग के बाद तेजस्वी ने बोलना शुरू किया। भाषण के शुरू के 10 मिनट में उनकी बातों से लगा कि उन्होंने अपनी हार स्वीकार कर ली है। लेकिन बाद में उन्होंने एक सधे हुए नेता की तरह सीएम नीतीश कुमार, NDA और मोदी सरकार पर कई सियायी वार किए।

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जनता के सुख-दुख का भागीदार बनने जा रहा हूं

विधानसभा में बोलते हुए तेजस्वी की बॉडी लैंग्वेज किसी मैच्योर नेता की तरह दिखी। भाषण की शुरुआत में ही उन्होंने भगवान श्री राम की चर्चा की। उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार को भगवान राम के पिता दशरथ की तरह अपना पिता मानता हूं। दशरथ जी ने श्री राम को वनवास भेज दिया था। लेकिन नीतीश जी ने मुझे वनवास नहीं भेजा है। बल्कि मुझे तो वह जनता के सुख-दुख का भागीदार बनने के लिए भेज रहें हैं।

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नीतीश जी को पहचानना होगा उनकी कैकई कौन

तेजस्वी यादव ने कहा कि राजा दशरथ यह नहीं चाहते थे श्री राम वनवास जाएं। लेकिन कैकई ने दशरथ जी को उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कहा कि यहां नीतीश कुमार को समझना होगा कि उनके यहां कौन-कौन कैकई हैं, जो उनके आसपास ही बैंठे लोगों में छूपे हैं।

अब यही (तेजस्वी) आगे बढ़ेगा…

तेजस्वी यादव ने कहा कि सीएम नीतीश कुमार ने 9वीं बार शपथ लेकर इतिहास रचा है लेकिन एक टर्म में उनका तीसरी बार शपथ लेना भी अजीबोगरीब संयोग है। उन्होंने कहा कि मैं नीतीश कुमार का आदर करता था, करता हूं और आगे भी करता रहूंगा। कई बार नीतीश जी ने सार्वजिनक मंचों से मेरे लिए कहा कि अब यही (तेजस्वी) आगे बढ़ेगा, आगे सब कुछ करेगा। तो चलिए अब ये नौजवान ही आगे बढ़ेगा।

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तेजस्वी यादव ने कसे कई तंज….

  • पहली बार नीतीश ने मुझे दूर किया, तब इनकी क्या मजबूरी थी, ये किसी को नहीं पता।
  • हम तो सीएम को इज्जत देते हैं और देते रहेंगे। लेकिन जनता जानना चाहती है कि कभी आप इधर कभी उधर क्यों रहते हैं।
  • मुझे खुशी है कि 17 महीने में वो काम किया जो 17 साल में नहीं हुआ।
  • मैं सरकार को बाहर से समर्थन देना चाहता था। लेकिन देशभर के नेताओं का दबाव था कि बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकना है।
  • आप राज्य में विकास का काम कीजिए, आप नौकरी दीजिए। उसमें आपको हमारा समर्थन रहेगा।

 

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First published on: Feb 12, 2024 03:14 PM

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About the Author

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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