अमिताभ ओझा
Reservation Amendment Bill 2023: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को एक समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमे राज्य के सभी अधिकारी शामिल हुए। इस बैठक में आरक्षण संशोधन विधेयक 2023 के गजट के प्रकाशन और बिहार सरकार द्वारा इसके प्रावधानों को सरकारी विभागों में लागू कराने पर चर्चा की गई।
जाति गणना की रिपोर्ट
इस बैठक में सीएम नीतीश ने राज्य के सभी सरकारी विभागों में आरक्षण (संशोधन) अधिनियम-2023 के प्रावधानों को लागू करने के लिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिये हैं। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सभी दलों की सहमति से जाति आधारित गणना कराई गई। जाति गणना की रिपोर्ट आने के बाद बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद् में उस पर चर्चा की गई। अब उसी के आधार पर सभी वर्गों की स्थिति को ध्यान में रखकर आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 75 प्रतिशत तक किया गया है। दोनों सदनों से यह विधेयक पारित कराया गया और इसका गजट प्रकाशित हो चुका है। सभी विभाग इसको ध्यान में रखते हुए आरक्षण अधिनियम के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करें ताकि लोगों को इसका पूरा लाभ मिले।
गरीब परिवार को मिलेगे 2 लाख रुपए
मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति गणना में लोगों की आर्थिक स्थिति की भी गणना करायी गयी है जिसके आधार पर तय किया गया है कि प्रत्येक गरीब परिवार को 2 लाख रुपये की राशि दी जाए। भूमिहीन परिवारों को मकान बनाने के लिए जमीन खरीदने के लिए एक लाख रुपये दिए जाएगे। इस योजना के तहत राज्य में अब तक 1 करोड़ 30 लाख जीविका दी गई है। इसके अलावा 1 करोड़ 50 लाख जीविका दीदियों को स्वयं सहायता समूह से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। शहरों में भी अब स्वयं सहायता समूह का गठन होगा।
बिहार की प्रजनन दर
मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2005 में उनकी सरकार आने के बाद से राज्य सरकार सभी वर्गों के लिए न्याय के साथ विकास का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 12.5 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर थे, जिन्हें स्कूल पहुंचाया गया और अब स्कूल से बाहर रहने वाले बच्चों की संख्या आधे प्रतिशत से भी कम हो गयी है। जब सर्वे कराया गया तो पता चला कि पति-पत्नी में अगर पत्नी मैट्रिक पास है तो देश की प्रजनन दर 2 थी और बिहार की भी प्रजनन दर 2 थी। पति-पत्नी में अगर पत्नी इंटर पास है तो देश की प्रजनन दर 1.7 थी और बिहार की प्रजनन दर 1.6 थी। इसको ध्यान में रखते हुए लड़कियों की शिक्षा पर हमने काफी जोर दिया। लड़कियों के शिक्षित होने से राज्य की प्रजनन दर घटी है।