बिहार विधानसभा में राज्यसभा की पांच सीटों के लिए हुए चुनाव में मतदान प्रक्रिया वोटिंग पूरी होने के साथ समाप्त हो गई. इस चुनाव ने विपक्षी महागठबंधन को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि उसके चार विधायकों ने वोट डालने में हिस्सा ही नहीं लिया. राजद के ढाका से विधायक फैसल रहमान के अलावा कांग्रेस के तीन विधायकों- वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र कुशवाहा, फारबिसगंज से मनोज विश्वास और मनिहारी से मनोहर प्रसाद ने मतदान का बहिष्कार कर दिया. नतीजतन, महागठबंधन के पक्ष में सिर्फ 37 विधायकों के वोट ही पड़े, जबकि एनडीए के सभी 202 विधायकों ने पूरी तत्परता से अपना मतदान कर दिया.
इन उम्मीदवारों ने लहराया जीत का परचम
वोटिंग पूरी होने के बाद नतीजों से पहले ही सीटों पर विनर्स की जीत की तस्वीर साफ हो गई. एनडीए की पांचों सीटों पर जीत पक्की हो गई है, अब सिर्फ चुनाव नतीजों की औपचारिक घोषणा होनी बाकी है. एनडीए के उम्मीदवारों बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, शिवेश कुमार सिंह (BJP), सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और आरएलएम के उपेंद्र कुशवाहा को विधायकों का बंपर समर्थन मिला है. विशेष रूप से पांचवें उम्मीदवार शिवेश कुमार सिंह को एनडीए के 38 वोट मिलने का अनुमान है.
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'इंडिया गठबंधन' को बड़ा झटका
वहीं, राजद के एडी सिंह को महज 37 वोट ही प्राप्त हो सकेंगे. मतगणना शाम को ही शुरू हो चुकी है और परिणामों की घोषणा किसी भी समय हो सकती है. जानकारों का मानना है कि महागठबंधन के विधायकों का अनुपस्थिति राजनीतिक सौदेबाजी या आंतरिक कलह का परिणाम हो सकता है. कांग्रेस के तीनों विधायकों का मतदान न करना खास तौर पर चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इससे विपक्षी गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं.
राजद विधायक फैसल रहमान की अनुपस्थिति ने भी गठबंधन के नेतृत्व को असहज कर दिया है. दूसरी ओर, एनडीए ने विधायकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कर अपनी मजबूत संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया है. गौरतलब है कि बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं, जिनमें से वर्तमान में एनडीए के पास 202 विधायक हैं.
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