शराबबंदी कानून पर क्यों गिरे CM नीतीश? हाईकोर्ट ने जमकर लगाई लताड़

पटना हाईकोर्ट ने नीतीश सरकार पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। सरकार पर यह कार्रवाई एक कंपनी के इथेनॉल से भरे टैंकर को गलत तरीके से जब्त करने को लेकर हुई है। कोर्ट ने कहा कि शराबबंदी कानून का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

Patna High Court on Bihar Liquor Ban

CM Nitish Kumar

बिहार सरकार अपने ही बनाए शराबबंदी कानून पर फंस गई है। आए दिन शराब से मरने वालों की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसके अलावा पटना स्थित सचिवालय से भी शराब की बोतलें जब्त हो चुकी है। अब ताजा मामला पटना हाईकोर्ट से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने बिहार सरकार पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने यह जुर्माना शराबबंदी कानून के गलत इस्तेमाल को लेकर लगाया है। यह जुर्माना बेगसूराय में इथेनॉल से भरे एक टैंकर को गलत तरीके से जब्त करने के मामले में लगाया गया है।

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कार्रवाई पर कंपनी ने लगाई याचिका

पटना हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि पुलिस ने बिना वजह टैंकर को जब्त किया है। कोर्ट ने इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। जस्टिस पीबी बजनथ्री की बेंच ने मधु ट्रांसपोर्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया है। मधु ट्रांसपोर्ट ने जब्त किए गए टैंकर को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका में कंपनी ने कहा कि उसका इथेनॉल से भरा 40 हजार लीटर का टैंकर बरौनी रिफाइनरी जा रहा था। बरौनी रिफाइनरी इंडियन ऑयल कंपनी का है। टैंकर के पास सभी जरूरी कागजात थे। पुलिस ने शक के आधार पर उसे जब्त कर लिया।

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अधिकारों का गलत इस्तेमाल

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब टैंकर को जब्त किया गया तो उसमें पूरा 40 हजार लीटर इथेनॉल था। टैंकर का डिजिटल लॉक भी सही था। इससे पता चलता है कि इथेनॉल का गलत इस्तेमाल नहीं हुआ। कोर्ट ने कहा कि यह अधिकारों का गलत इस्तेमाल है। कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि वह मामले की जांच कराए। कोर्ट ने कहा कि सरकार याचिकाकर्ता को 1 लाख रुपये और 1 लाख रुपये अधिवक्ता कल्याण कोष में जमा कराए।

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