Bihar Election 2025: बिहार में इस साल अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां पूरी योजना से शुरू कर दी है। लेकिन राजनीतिक पार्टियों में उठापटक शांत होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले बार बिहार विधानसभा चुनाव असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अकेले ताल ठोकी थी। चुनाव में पार्टी को 5 सीटों पर सीट मिली थी। बाद में 4 विधायकों ने आरजेडी का हाथ थाम लिया था। बाद में पार्टी में 1 ही विधायक बचा। इसके चलते इस बार विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताकर महागठबंधन को पत्र लिखा। लेकिन अब आरजेडी और कांग्रेस ने ओवैसी की इच्छा पर नो-एंट्री लगा दी।
यह भी पढ़ें: ‘सीमांचल का माफिया है दिलीप जायसवाल’, प्रशांत किशोर ने लगाए बड़े आरोप, कहा- 18 जुलाई से पहले खोलेंगे दूसरा कच्चा चिट्ठा
नो-एंट्री की ये रही वजह
मामले में RJD प्रवक्ता चितरंजन गगन ने ओवैसी को महागठबंधन में शामिल न करने पर कहा कि ओवैसी की विचारधारा भाजपा से मेल खाती है, सीमांचल में वोटकटवा की भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि हमारे गठबंधन और AIMIM की सोच में फर्क है, जान न पहचान मैं तेरा मेहमान वाली बात है।
सरकार ने किया किनारा
इस मुद्दे पर भाजपा कोटे से बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने पलटवार करते हुए कहा कि यह पूरा मामला ओवैसी और महागठबंधन का है। लालू यादव ने ओवैसी को दुत्कार दिया है तो अब वो एकतरफा प्यार की बात कर रहे है। ओवैसी बीजेपी की बी टीम बिल्कुल नहीं है।
नवंबर तक हो सकते हैं चुनाव
चुनाव आयोग बिहार में अक्टूबर से नवंबर तक विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। हालांकि आयोग ने चुनावों की आधिकारिक घोषणा नहीं है। इस बार मैदान में एनडीए में बीजेपी, जद(यू) और लोजपा मिलकर सत्ता बचाने के लिए उतरेंगे। वहीं महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी दलों शामिल हैं। महागठबंधन बिहार में सत्ता परिवर्तन की कोशिश में चुनाव में उतरेगा।
Bihar Election 2025: बिहार में इस साल अंत तक विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव आयोग ने इसकी तैयारियां पूरी योजना से शुरू कर दी है। लेकिन राजनीतिक पार्टियों में उठापटक शांत होने का नाम नहीं ले रही है। पिछले बार बिहार विधानसभा चुनाव असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM ने अकेले ताल ठोकी थी। चुनाव में पार्टी को 5 सीटों पर सीट मिली थी। बाद में 4 विधायकों ने आरजेडी का हाथ थाम लिया था। बाद में पार्टी में 1 ही विधायक बचा। इसके चलते इस बार विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताकर महागठबंधन को पत्र लिखा। लेकिन अब आरजेडी और कांग्रेस ने ओवैसी की इच्छा पर नो-एंट्री लगा दी।
यह भी पढ़ें: ‘सीमांचल का माफिया है दिलीप जायसवाल’, प्रशांत किशोर ने लगाए बड़े आरोप, कहा- 18 जुलाई से पहले खोलेंगे दूसरा कच्चा चिट्ठा
नो-एंट्री की ये रही वजह
मामले में RJD प्रवक्ता चितरंजन गगन ने ओवैसी को महागठबंधन में शामिल न करने पर कहा कि ओवैसी की विचारधारा भाजपा से मेल खाती है, सीमांचल में वोटकटवा की भूमिका निभा चुके हैं। वहीं, कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि हमारे गठबंधन और AIMIM की सोच में फर्क है, जान न पहचान मैं तेरा मेहमान वाली बात है।
सरकार ने किया किनारा
इस मुद्दे पर भाजपा कोटे से बिहार सरकार के मंत्री नितिन नवीन ने पलटवार करते हुए कहा कि यह पूरा मामला ओवैसी और महागठबंधन का है। लालू यादव ने ओवैसी को दुत्कार दिया है तो अब वो एकतरफा प्यार की बात कर रहे है। ओवैसी बीजेपी की बी टीम बिल्कुल नहीं है।
नवंबर तक हो सकते हैं चुनाव
चुनाव आयोग बिहार में अक्टूबर से नवंबर तक विधानसभा चुनाव कराने की तैयारी कर रहा है। हालांकि आयोग ने चुनावों की आधिकारिक घोषणा नहीं है। इस बार मैदान में एनडीए में बीजेपी, जद(यू) और लोजपा मिलकर सत्ता बचाने के लिए उतरेंगे। वहीं महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस और वामपंथी दलों शामिल हैं। महागठबंधन बिहार में सत्ता परिवर्तन की कोशिश में चुनाव में उतरेगा।