हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Nana PatekarGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

बकरीद से पहले पशु वध पर हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, गाय-भैंस को मारना ईद का हिस्सा नहीं

फैसले पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक अखरुज्जमान ने कोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने तर्क दिया कि आगामी बकरीद के दौरान पशु बलिदान की धार्मिक जिम्मेदारी कानूनी रूप से पूरी नहीं हो पाएगी.

विज्ञापन

बकरीद से ठीक पहले पश्चिम बंगाल की कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुभेंदु सरकार की उस अधिसूचना को बरकरार रखने का फैसला किया है, जिसमें बैल, बैलों, गाय, बछड़ों और भैंसों के वध को सख्ती से नियंत्रित किया गया है. कोर्ट ने सरकार के 13 मई 2026 के सार्वजनिक नोटिफिकेशन में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया. बता दें कि जस्टिस सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने कहा कि सरकार की यह अधिसूचना 2018 के एक पुराने मामले में समन्वय बेंच द्वारा दिए गए अंतिम आदेशों के अनुपालन में जारी की गई थी.

सरकार को मिली ये छूट


बेंच ने स्पष्ट किया कि नोटिफिकेशन पर रोक लगाने या उसे रद्द करने का कोई आधार नहीं दिखता. अदालत ने यह भी कहा कि राज्य सरकार यह जांचना पूरी तरह वैध रूप से कर सकती है कि पशु वध के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र जारी करने की व्यवस्था कैसी है, जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं और वध के लिए उचित बुनियादी ढांचा उपलब्ध है या नहीं.

यह भी पढ़ें: Kal ka Mausam: खतरनाक लू के बीच 16 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने दिया अपडेट

विज्ञापन

सरकार की अधिसूचना का क्या प्रावधान है?


पश्चिम बंगाल सरकार ने पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम के तहत नई गाइडलाइंस जारी की थीं. इनमें बिना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र के किसी भी पशु के वध पर रोक लगाई गई है, साथ ही खुले सार्वजनिक स्थानों पर वध को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है. उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है.

Credit: Social Media

TMC विधायक ने दायर की थी याचिका


इस फैसले पर तृणमूल कांग्रेस के विधायक अखरुज्जमान ने कोर्ट में याचिका दायर की थी. उन्होंने तर्क दिया कि आगामी बकरीद के दौरान पशु बलिदान की धार्मिक जिम्मेदारी कानूनी रूप से पूरी नहीं हो पाएगी. याचिका में कहा गया कि अधिनियम की धारा 12 राज्य सरकार को धार्मिक उद्देश्यों के लिए पशु वध से छूट देने का अधिकार देती है, लेकिन सरकार ने इस बार कोई छूट नहीं दी. विधायक ने दावा किया कि कई मुस्लिम परिवारों के लिए भैंसा या बैल जैसा बड़ा जानवर बलिदान का एकमात्र आर्थिक रूप से व्यावहारिक विकल्प है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: इंस्टाग्राम पर BJP से आगे निकली कॉकरोच जनता पार्टी, 5 दिन में फॉलोअर्स 10 मिलियन पार

कोर्ट ने खारिज किए तर्क


हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के इन तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि पहले के न्यायिक आदेशों का पालन करना राज्य की जिम्मेदारी है. बेंच ने उम्मीद जताई कि अगर कहीं कोई कमी है तो राज्य सरकार उसे शीघ्र दूर कर लेगी. यह फैसला बकरीद से महज कुछ दिन पहले आया है, जिससे धार्मिक संगठनों और राजनीतिक दलों में चर्चा तेज हो गई है. कुछ संगठन इसे धार्मिक भावनाओं पर अतिक्रमण बता रहे हैं, जबकि दूसरे इसे पशु कल्याण और कानून व्यवस्था को मजबूत करने वाला कदम मान रहे हैं.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola