Happy Birthday Zaheer Khan: भारत में गेंदबाजी का सचिन तेंदुलकर, एंडरसन को सिखाया रिवर्स स्विंग
Edited By Gyanendra Sharma

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नई दिल्ली: क्रिकेट में बल्लेबाजों का बोलबाला है। दर्शक बल्ले से गेंद को उड़ता देखना पसंद करते हैं। इसी को ध्यान में रख कर आईसीसी ने भी बल्लेबाजों के पक्ष में नियम बनाएं हैं। लेकिन इस बल्ले और गेंद की लड़ाई में कई ऐसे गेंदबाज भी हैं जिन्होंने दुनिया को अपने हुनर का दीवाना बनाया। ऐसे ही एक गेंदबाज थे भारत के जहीर खान। आज जहीर खान का जन्मदिन है। पूर्व स्टार तेज गेंदबाज जहीर खान आज (7 अक्टूबर) 44 साल के हो गए हैं।
जहीर खान अपनी गेंदबाजी से भारत को कई मैच जिताए। कपिल देव के बाद वे भारत के ऐसे तेज गेंदबाज रहे जिनकी गेंद विदेशी बल्लेबाजों को डराते थे। सौरव गांगुली की कप्तानी में जहीर टीम इंडिया में आए और एमएस धोनी के कप्तानी में टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। जहीर खान ने भारत में तेज गेंदबाजी का दौर लाया। उन्हें देखकर कई युवा तेज गेंदबाज बनने का सपना देखने लगे। युवाओं के रोल मॉडल रहे इस धाकड़ गेंदबाज ने 14 साल के इंटरनेशनल करियर में अपनी अलग पहचान बनाई।
भारत में कई महान बल्लेबाज पैदा हुए। सुनील गावस्कर से लेकर विराट कोहली तक लिस्ट काफी लंबी है। लेकिन तेज गेंदबाज की बात आती है तो नामों की संख्या कम हो जाती है। ऐसे में जहीर खान का उदय भारत में तेज गेंदबाजी का रेवोलुशन लेकर आया। एमएस धोनी के लिए जहीर खान गेंदबाजों के सचिन तेंदुलकर थे। धोनी की कप्तानी में जहीर ने भारत की तेज गेंदबाजी को अपने कंधों पर ढोया। कई मैच उन्होंने अपनी गेंदबाजी के दम पर भारत को जिताए। तभी तो धोनी उन्हें गेंदबाजों का सचिन तेंदुलकर कहते थे।
दुनिया के सबसे सफल तेज गेंदबाजों में एक जेम्स एंडरसन भी जहीर खान को अपना गुरु मानते हैं। एंडरसन ने रिवर्स स्विंग की कला जहीर से सिखी। 2007 में इंग्लैंड दौरे पर गई टीम इंडिया में जहीर खान शामिल थे। वे वहां रिवर्स स्विंग करा कर इंग्लिश बल्लेबाजों को परेशान कर रहे थे। जेम्स एंडरसन ने रिवर्स स्विंग की अपनी सफलता के बारे में बात करते हुए कहा था मुझे याद है कि 2007 के इंग्लैंड दौरे पर जहीर खान ने रिवर्स स्विंग का भरपूर इस्तेमाल किया था। उसी को देखकर मैंने इस खास गेंद का अभ्यास करना शुरू कर दिया था। गेंद में एक चमक वाला हिस्सा होता है जिसे अगर बल्लेबाज देख ले तो उसके लिए खेलना बेहद आसान हो जाता है। मैंने छुपाने वाली वही कला अपनाई और यह काफी फायदेमंद साबित हुआ।
1978 में महाराष्ट्र के अहमदनगर में जन्मे और श्रीरामपुर के रहने वाले जहीर खान पढ़ लिखकर इंजीनियर बनना चाहते थे, लेकिन पिता ने उनसे कहा कि बेटा देश में इंजीनियर तो बहुत हैं तुम तेज गेंदबाज बनो और देश के लिए खेलो।17 साल की उम्र में जहीर खान को उनके पिता मुंबई ले आए। यही से ‘जैक’ के नाम से फेमस जहीर खान ने क्रिकेट करियर की शुरुआत की। जहीर खान को ही ‘नकल’ बॉल की खोज करने का श्रेय जाता है।
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जहीर ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में भारत की ओर से खेलते हुए कुल 92 टेस्ट और 200 वनडे मैच खेले। इस दौरान उन्होंने टेस्ट में 311 और वनडे मैचों में 282 विकेट हासिल किए। जहीर ने इस दौरान 17 अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैचों में भी भाग लिया और 17 विकेट चटकाए। जहीर खान ने टीम इंडिया को 2011 वर्ल्ड कप में चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने उस वर्ल्ड कप में 21 विकेट चटकाए।
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