India vs England 2nd Test : इस समय भारत और इंग्लैंड के बीच विशाखापट्टनम में दूसरा टेस्ट मैच खेला जा रहा है। जहां भारत के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने भारत की पहली पारी के दूसरे दिन शानदार दोहरा शतक जड़ दिया है। लेकिन इस युवा खिलाड़ी के लिए भारत के लिए क्रिकेट खेलने का सफर इतना आसान भी नहीं था। एक समय था जब इस खिलाड़ी के पास खाने तक के पैसे नहीं थे। पिता मुंबई में गोलगप्पे की एक छोटी रेड़ी लगाया करते थे। वहीं अब इंग्लैंड के अनुभवी गेंदबाजों के सामने यशस्वी जायसावल का दोहरा शतक जड़ने के बाद उनके बचपन का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। जिसमें वह अपने बचपन में संघर्ष के बारे में बताते हुए नजर आ रहे हैं। चलिए आपको बताते हैं कि इस युवा सलामी बल्लेबाज ने भारत के लिए क्रिकेट खेलने के लिए कितना संघर्ष किया है।
खाने तक के नहीं थे पैसे- यशस्वी जायसवाल
विशाखापट्टनम की जिस पिच पर भारत के बाकी बल्लेबाज एक अर्धशतक भी नहीं बना पाए हैं, उसी पिच पर 22 साल के युवा ओपनर यशस्वी जायसवाल ने दोहरा शतक जड़ दिया। लेकिन एक समय था जब इस इस स्टार बल्लेबाज के पास खाने तक के पैसे नहीं थे। यशस्वी ने एक इटरव्यू के दौरान बताया था कि मैं बचपन में कोशिश करता था कि मुझे कोई मैच मिल जाए। जिसमें मैं अच्छा परफॉरमेंस करता और वह मुझे उसके बदले या तो 200-300 रूपए दे दिया करते थे। या मुझे दोपहर का खाना दे दिया करते थे। जिससे मेरा वह समय निकल जाया करता था।
उधार की किट मांग कर खेलता था क्रिकेट- यशस्वी
उसी इटरव्यू में यशस्वी जायसावाल ने बताया था कि जब मैं क्रिकेट खेलता था तो उस समय घर के हालात ठीक नहीं थे। हमारे पास क्रिकेट किट खरीदने तक के पैसे नहीं थे। जिसकी वजह से मैं दूसरो का सामान उधार मांग कर खेला करता था। उन्होंने आगे कहा कि कभी जिदंगी में हार नहीं माननी चाहिए, समय चाहे कैसा भी हो लेकिन अगर आप वह करना चाहते हैं तो आप कर लोगे, अंत में परिणाम क्या होगा इसकी परवाह नहीं करनी है। क्योंकि जो परिणाम आए वो भविष्य में आएगा, लेकिन आपको देखना होगा कि आप वर्तमान में क्या कर सकते हैं और उसको ओर बेहतर कैसे कर सकते हैं।
टेस्ट में दोहरा शतक बनाने वाले तीसरे युवा बल्लेबाज बने जायसवाल
इंग्लैंड के खिलाफ यशस्वी ने पहले छक्के के साथ अपना शतक पूरा किया। उसके बाद उन्होंने 150 रन का आंकड़ा छूने के लिए फिर से एक चौका जड़ा। जिसके बाद भारतीय फैंस उम्मीद कर रहे थे कि यशस्वी अपना दोहरा शतक भी बाउंड्री के साथ पूरा करे और यशस्वी ने किया भी कुछ ऐसा ही। उन्होंने भारत की पारी के 101 ओवर की दूसरी गेंद पर चौका जड़कर अपना दोहरा शतक पूरा किया। जिसके साथ ही वह टेस्ट में सबसे तेज दोहरा शतक पूरा करने वाले भारत के तीसरे सबसे युवा बल्लेबाज है। उन्होंने 290 गेंदों पर 209 रन की बेहतरीन पारी खेली। जिसकी मदद से भारत इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में एक बेहतरी टोटल तक पहुंचने में सफल हो पाया।
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