England Champions Trophy 2025: चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से इंग्लैंड का बोरिया-बिस्तर पैक हो चुका है। 351 रन बनाने के बाद टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार झेलनी पड़ी, तो लाहौर में बटलर की सेना को अफगानिस्तान ने चारों खाने चित कर डाला। लगातार दो हार के साथ ही सेमीफाइनल खेलने का सपना भी चकनाचूर हो गया। खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही इंग्लैंड का ऐसा हश्र होगा यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था। ग्रुप स्टेज में बाहर होने के बाद इंग्लिश टीम सवालों के घेरे में है। मगर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इंग्लैंड की टूर्नामेंट में हुई दुर्गाति का जिम्मेदार कौन है? आइए आपको वो तीन कारण बताते हैं, जिसके चलते इस मेगा इवेंट में औंधे मुंह गिरी इंग्लैंड।
बटलर की खराब कप्तानी
चैंपियंस ट्रॉफी में जोस बटलर की कप्तानी काफी साधारण रही। बटलर टीम के गेंदबाजों को सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर सके। अफगानिस्तान के खिलाफ बटलर ने पारी का 47वां ओवर जो रूट से डलवाया, जो इंग्लिश टीम को काफी भारी पड़ा। सिर्फ यही नहीं, बल्कि कब किस गेंदबाज का इस्तेमाल करना है बटलर इस टूर्नामेंट में समझने में पूरी तरह से नाकाम रहे। यही वजह रही कि टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 351 रन बनाने के बावजूद मैच हार गई। वहीं, अफगानिस्तान जैसे टीम ने भी इंग्लैंड के सामने 325 रन स्कोर बोर्ड पर लगा डाले।
मिडिल ऑर्डर बुरी तरह से फेल
इंग्लैंड का मिडिल ऑर्डर चैंपियंस ट्रॉफी में बुरी तरह से फेल हुआ। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी बेन डकेट और जो रूट ने तो रन बनाए, लेकिन हैरी ब्रूक, कप्तान जोस बटलर, लियाम लिविंगस्टन बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। अफगानिस्तान के खिलाफ भी टीम के मध्यक्रम की यही कहानी रही। रूट ने शतक ठोका, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें बाकी बल्लेबाजों का साथ नहीं मिल सका।
गेंदबाजों का रहा हाल बेहाल
पाकिस्तान की धरती पर इंग्लैंड की सबसे ज्यादा नाक तेज गेंदबाजों ने कटवाई। जोफ्रा आर्चर, मार्क वुड जैसे फास्ट बॉलर्स बुरी तरह से फेल रहे। वुड ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 75 रन लुटाए, तो आर्चर ने 82 रन खर्च किए। आदिल रशीद भी बीच के ओवर्स में टीम को सफलताएं दिलाने में नाकाम रहे। अफगानिस्तान के खिलाफ भी टीम के गेंदबाजों का हाल कुछ ऐसा ही रहा। मार्क वुड की झोली 8 ओवर में 50 रन देने के बावजूद खाली रही, तो जेमी ओवरटन ने 10 ओवर में 72 रन लुटा डाले।