Sourav Ganguly inducted into ICC Hall of Fame: भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली आज यानी 8 जुलाई को अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं. इस खास मौके पर गांगुली को एक बेहद खास तोहफा मिला है. इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने गांगली को क्रिकेट जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से एक ICC Hall of Fame में शामिल किया है. इसके साथ ही गांगुली यह सम्मान हासिल करने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर और 10वें भारतीय मेंस क्रिकेटर बन गए हैं.

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ICC Hall of Fame में शामिल होने पर क्या बोले गांगुली?

ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल किए जाने के बाद सौरव गांगुली ने खुशी जाहिर करते हुए ICC और चेयरमैन जय शाह का आभार व्यक्त किया. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "मुझे हॉल ऑफ फेम में शामिल करने के लिए ICC और चेयरमैन जय शाह (@JayShah) का शुक्रिया. यह बहुत बड़ा सम्मान है. हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले 10 भारतीयों में से एक बनना और महान नामों के साथ शामिल होना अद्भुत एहसास है."

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इन भारतीय दिग्गजों को मिल चुका है सम्मान

सौरव गांगुली ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले 12वें भारतीय क्रिकेटर और 10वें भारतीय मेंस क्रिकेट बन गए हैं. उनसे पहले सुनील गावस्कर, बिशन सिंह बेदी, कपिल देव, वीनू मांकड़, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, अनिल कुंबले, डायना एडुल्जी, नीतू डेविड और एमएस धोनी को ICC Hall of Fame में जगह मिल चुकी है. धोनी को पिछले साल ही यह सम्मान मिला था. वहीं, गावस्कर, कपिल देव और बिशन सिंह बेदी साल 2009 में ICC हॉल ऑफ फेम में शामिल होने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बने थे. अब गांगुली का नाम भी भारतीय क्रिकेट के इन महान खिलाड़ियों की प्रतिष्ठित सूची में जुड़ गया है.

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सौरव गांगुली का शानदार क्रिकेट करियर

'दादा' के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने साल 1992 में भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था और साल 1996 में उन्होंने टेस्ट में पर्दापण किया. गांगुली ने अपने करियर में भारत के लिए 113 टेस्ट और 311 वनडे मुकाबले खेले, जिसमे उन्होंने क्रमश: 7212 रन और 11363 रन बनाए. उन्होंने भारत के लिए आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ साल 2008 में खेला था. वहीं, साल 2000 से 2005 के बीच कप्तान के रूप में भारतीय क्रिकेट को नई दिशा दी और टीम इंडिया को वर्ल्ड क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई.

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गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं. उनके नेतृत्व में भारत ने 2001 में स्टीव वॉ की अपराजेय मानी जाने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती. इसके अलावा, 2004 में पाकिस्तान की सरजमीं पर पहली बार टेस्ट सीरीज अपने नाम कर इतिहास रचा. गांगुली की कप्तानी में भारत ने 2000 आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी और 2003 आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप के फाइनल तक का भी शानदार सफर तय किया, जिसने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाई.

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