India vs England Test Series: आईपीएल 2025 के बाद टीम इंडिया जून में इंग्लैंड का दौरा करने वाली है। इस दौरे पर भारत और इंग्लैंड के बीच 5 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी। इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम इंडिया का हिस्सा नहीं होने वाले हैं क्योंकि ये दोनों दिग्गज खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। इस दौरे पर अब सीनियर खिलाड़ी के तौर पर रवींद्र जडेजा होने वाले हैं। आईपीएल 2025 में जडेजा का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा लेकिन टेस्ट क्रिकेट में जडेजा के आंकड़े काफी शानदार है ऐसे में टीम को उनसे इंग्लैंड दौरे पर काफी उम्मीदें होने वाली है। इस दौरे पर टीम इंडिया की कमान शुभमन गिल को सौंपी गई है। वहीं अब टेस्ट फॉर्मेट में कप्तानी को लेकर रवींद्र जडेजा ने पूर्व भारतीय दिग्गज आर अश्विन से बातचीत की है।
टेस्ट फॉर्मेट की कप्तानी को लेकर जडेजा का बड़ा बयान
अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर जडेजा से पूछा कि क्या उन्होंने कभी भारतीय टीम की कप्तानी करने के बारे में सोचा है। जिसपर जडेजा ने कहा “हां, निश्चित रूप से! देखिए, मुझे लगता है कि पिछले कुछ सालों में मैंने अलग-अलग कप्तानों के नेतृत्व में खेला है। मैं हर एक कप्तान की मानसिकता जानता हूं, जिसके नेतृत्व में मैंने खेला है। हर कप्तान की अपनी अलग मानसिकता होती है कि वह टीम को कैसे चलाना चाहता है। उदाहरण के लिए एमएस धोनी, मैंने हर फॉर्मेट में उनकी कप्तानी में खेला है। उनकी सोच बहुत सरल है। अगर उन्हें लगता है कि कोई बल्लेबाज उस क्षेत्र में हिट कर सकता है, तो वह बस वहां एक फील्डर को ले जाएंगे।”
‘टेस्ट और टी20 की कप्तानी में फर्क’
आगे जडेजा ने टी20 फॉर्मेट की कप्तानी को लेकर बताया कि “टी20 क्रिकेट में कप्तानी टेस्ट क्रिकेट की तुलना में अधिक व्यस्त होती है। टेस्ट क्रिकेट में आपको गेंदबाज की जरूरत के हिसाब से दो-तीन फील्डर बदलने होते हैं। टेस्ट क्रिकेट में कप्तानी अलग होती है। यह सरल है, लेकिन गणना पर आधारित है। यह टी20 के आईपीएल की तरह जटिल नहीं है। टी20 में हर गेंद एक इवेंट होती है। टेस्ट क्रिकेट इतना व्यस्त नहीं है।”
धोनी से अपनी पहली मुलाकात पर क्या बोले जडेजा?
टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी से अपनी पहली मुलाकात को लेकर जडेजा ने कहा “मैं पहली बार एमएस धोनी से चेन्नई में चैलेंजर्स ट्रॉफी 2005 के दौरान मिला था। मैं मुंबई से आ रहा था और मुझे लगता है कि वह भी उसी फ्लाइट से वहां से आ रहे थे। मैं इकोनॉमी क्लास में बैठा था और वह बिजनेस क्लास में बैठे थे। हर कोई कह रहा था कि धोनी सामने बैठे हैं, लेकिन मैं उनसे मिलने में झिझक रहा था।”