IPL 2025: इस साल के आईपीएल में ऋषभ पंत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे वो अपनी 27 करोड़ रुपये की सैलरी के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। पंत ने कुछ ऐसे फैसले लिए हैं जो लोगों को हैरान कर रहे हैं।
मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच हुए मुकाबले में पंत ने फिर से वही फैसला दोहराया जो उन्होंने इससे पहले आईपीएल में सिर्फ दो बार ही किया था। इस साल के आईपीएल में कई ऐसी चीज़ें देखने को मिल रही हैं जो पहले कभी नहीं हुई थीं, और पंत का यह फैसला भी उनमें से एक है।
साल 2016 के बाद पहली बार नंबर सात की बल्लेबाजी
साल 2016 में आईपीएल डेब्यू करने के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि ऋषभ पंत नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आए। तब वो एक युवा खिलाड़ी थे और अपनी बल्लेबाज़ी से लोगों को काफी प्रभावित कर चुके थे। उस सीजन में वो सिर्फ दो बार ही सातवें या उससे नीचे बल्लेबाजी करने आए थे।
लेकिन मंगलवार को लखनऊ के खिलाफ हुए मैच में पंत खुद की ही कप्तानी में नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आए, जो हैरानी वाली बात थी। जबकि उन्हें चौथे नंबर पर आना चाहिए था। उन्हें सिर्फ दो गेंदें खेलने को मिलीं, पहली गेंद पर वो कोई रन नहीं बना सके और दूसरी गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। ये उनकी कप्तानी और बल्लेबाज़ी दोनों के लिए काफी शर्मनाक पल था। पिछली 113 आईपीएल पारियों में ये पहली बार था जब पंत ने इतनी नीचे आकर बल्लेबाज़ी की, जो दिखाता है कि इस बार उनका आत्मविश्वास और फैसले दोनों सवालों के घेरे में हैं।
फैंस करते रहे इंतजार
जब लखनऊ सुपर जायंट्स के दो विकेट गिर गए थे, तब सभी को लगा कि अब कप्तान ऋषभ पंत बल्लेबाज़ी करने आएंगे और अपनी ताकत दिखाएंगे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। पंत ने अपनी जगह अब्दुल समद को भेजा, जो सिर्फ 8 गेंदों में 2 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद डेविड मिलर बल्लेबाजी के लिए आए। वे आखिर तक क्रीज़ पर टिके तो रहे, लेकिन 15 गेंदों पर सिर्फ 14 रन ही बना सके, जो टीम के लिए काफी नहीं था। फिर नंबर छह पर आयुष बदोनी को भेजा गया, जो असल प्लेइंग इलेवन में नहीं थे, बल्कि इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर उतरे थे।