Pakistan Champions Trophy 2025: 29 साल बाद किसी आईसीसी इवेंट की मेजबानी। जीत के खाते में लिखा बड़ा जीरो। ग्रुप स्टेज की प्वाइंट्स टेबल में सबसे नीचे टीम का नाम। चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में पाकिस्तान की यही कहानी रही है। मोहम्मद रिजवान की कप्तानी में अपने ही घर में पाकिस्तान शर्मसार हो गया है। जिस टीम से टाइटल को डिफेंड करने की उम्मीदें की जा रही थीं वो टूर्नामेंट में औंधे मुंह गिर पड़ी। ना तो बल्लेबाज कुछ कमाल दिखा सके और गेंदबाजों ने तो पाकिस्तान को मुंह दिखाने लायक तक नहीं छोड़ा। शाहीन अफरीदी, नसीम शाह और हैरिस रऊफ की जिस तिकड़ी पर पाकिस्तान को गुमान था वो महज तीन मैचों में मिट्टी में मिल गया। पाकिस्तान की दुर्दशा का इस बात से अंदाजा लगाइए कि प्वाइंट्स टेबल में बांग्लादेश ने उनसे ऊपर रहते हुए टूर्नामेंट का अंत किया।
पाकिस्तान का हाल बेहाल
चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की शुरुआत से पहले ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका की धरती पर मोहम्मद रिजवान की सेना जीत का परचम लहराकर आई थी। पाकिस्तान की इस टीम से हर किसी की उम्मीदें बंध गई थीं। घर में टूर्नामेंट खेला जा रहा था, तो फैन्स को भी रिजवान की सेना से धमाकेदार प्रदर्शन की आस थी। मगर हर उम्मीद और हर आस सिर्फ चार दिन में धुंधली पड़ गई। टूर्नामेंट के ओपनिंग मुकाबले में ही न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान को रौंदकर रिजवान की सेना को आईना दिखा दिया। एक हार से भी पाकिस्तान की आंखें नहीं खुलीं और भारत के खिलाफ तो टीम औंधे मुंह गिर पड़ी।
दो हार के बाद यह बात तय हो चुकी थी कि पाकिस्तान ग्रुप स्टेज से आगे नहीं जाने वाली है। अब बांग्लादेश के खिलाफ रिजवान की सेना जीत के साथ लाज बचाना चाहती थी। हालांकि, इंद्रे देव ने पाकिस्तान टीम का यह अरमान भी पूरा होने नहीं दिया और रावलपिंडी में झमाझम बारिश के चलते टॉस भी नहीं हो सका। पाकिस्तान ने टूर्नामेंट का अंत एक पॉइंट के साथ ग्रुप टेबल में सबसे निचले पायदान पर रहते हुए किया।
सीनियर प्लेयर्स बुरी तरह फ्लॉप
पाकिस्तान की चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में नैया पार लगाने की जिम्मेदारी टीम के सीनियर प्लेयर्स पर थी। हालांकि, टीम के अनुभवी खिलाड़ी टूर्नामेंट में बुरी तरह से फ्लॉप रहे। बल्लेबाजी में बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान से बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके। बाबर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अर्धशतक तो जमाया, लेकिन वो धीमी पारी ही पाकिस्तान को भारी पड़ गई। रिजवान भी टूर्नामेंट में एक अर्धशतक तक नहीं लगा सके। फखर जमां से साल 2017 वाले प्रदर्शन की उम्मीदें थीं, पर वह चोटिल होकर पहले ही मैच में बाहर हो गए। सऊद शकील इकलौते बल्लेबाज रहे, जिन्होंने भारत के खिलाफ अर्धशतकीय पारी खेली।
बल्ले से अगर बाबर-रिजवान ने निराश किया, तो गेंद से शाहीन अफरीदी मुंह के बल गिरे। अफरीदी लाइन एंड लेंथ से भटके हुए नजर आए और उन्होंने टूर्नामेंट में दिल खोलकर रन लुटाए। हैरिस रऊफ की भी घरेलू कंडिशंस में जमकर धुनाई हुई। खुशदिल शाह का अनुभव भी टीम के काम नहीं आ सका। 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद चैंपियंस ट्रॉफी में भी पाकिस्तान का हाल बेहाल रहा। रिजवान नई उम्मीदें तो लेकर आए थे, लेकिन अंत में वही हाल हुआ, जो पिछले कुछ आईसीसी इवेंट्स में होता चला आ रहा है।