Virat Kohli Poor Form At No 3: टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली गुरुवार को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपना खाता भी नहीं खोल सके। विराट यहां आठ साल में पहली बार भारत के लिए टेस्ट में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। विराट को नंबर तीन पर युवा शुभमन गिल की जगह भेजा गया, जो गर्दन में अकड़न की वजह से इस मैच में नहीं खेल रहे। कोहली ने मैच में आठ गेंदें खेलीं और बिना कोई रन बनाए न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज विलियम ओरूर्के का शिकार बने। आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो कप्तान रोहित शर्मा ने विराट को नंबर तीन पर भेजकर बड़ी गलती कर दी।
विराट ने अब तक अपने करियर में 116 टेस्ट खेले हैं और इनमें से ज्यादा मौकों पर उन्होंने नंबर चार पर ही बैटिंग की है। कोहली ने बेशक अब तक टेस्ट में 29 शतक लगाए हों, लेकिन यह स्टार बल्लेबाज नंबर तीन पर शतक तो छोड़िए, अर्धशतक भी नहीं बना पाया है। उन्हें जब भी नंबर तीन पर बैटिंग करने को कहा गया, तब-तब उनका बल्ला रूठा रहा। आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो विराट ने इस बैटिंग पोजीशन पर महज 19 की मामूली औसत से 97 रन बनाए हैं। यह आंकड़ा देखकर इस पर यकीन करना थोड़ा मुश्किल है।
कोहली को रास नहीं आती नंबर तीन बैटिंग पोजीशन
कोहली ने इस नंबर पर अपना सबसे बड़ा स्कोर 41 रनों का बनाया है। इस तरह विराट नंबर तीन पर अब तक एक भी फिफ्टी नहीं जड़ पाए हैं। विराट बेंगलुरु में बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। उन्होंने इससे पहले 32 पारियां पहले शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड बनाया था। इंटरेस्टिंग बात यह है कि विराट के सामने तब भी न्यूजीलैंड की ही टीम थी।
नंबर चार पर सफल रहे हैं विराट
विराट ने आखिरी बार 2016 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टॉप ऑर्डर में बैटिंग की थी। विराट का बल्ला इस साल कोई बड़ा स्कोर नहीं बना सका है। वो इस साल जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसे देखकर इस बात की संभावना है कि वो अपने पसंदीदा नंबर चार पर ही बैटिंग करें। ऐसा करने की एक वजह यह भी है कि उन्हें इस पोजीशन पर सबसे ज्यादा सफलता मिली है। मैच से पहले भारत के पूर्व विकेटकीपर सबा करीम ने भी यही कहा था कि टीम को नंबर तीन पर केएल राहुल को खिलाना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।