Vaibhav Sooryavanshi: न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी की जोड़ी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से गेंदबाजों की मुश्किलें बढ़ा दीं. दोनों ने पावरप्ले में ऐसा आक्रामक खेल दिखाया कि कई रिकॉर्ड पीछे छूट गए. इस धमाकेदार प्रदर्शन के पीछे क्या वजह थी, इसका खुलासा अभिषेक शर्मा ने मैच के बाद किया. बीसीसीआई की ओर से शेयर किए गए एक वीडियो में अभिषेक ने बताया कि वैभव ने नेट प्रैक्टिस के दौरान ही उनसे निडर होकर खेलने का वादा किया था. इस वादे के पीछे फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ का एक मशहूर डायलॉग था.
वैभव ने नेट्स पर ही बता दिया था अपना इरादा
अभिषेक शर्मा ने वीडियो में बताया कि वैभव सूर्यवंशी ने अभ्यास के दौरान ही साफ कर दिया था कि वह मैदान पर किस अंदाज में बल्लेबाजी करने वाले हैं. 15 साल के इस युवा खिलाड़ी ने फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के डायलॉग ‘भइया, खेलूंगा भी वैसे ही’ का जिक्र करते हुए अपने इरादे जाहिर किए थे. मैच में वैभव ने जिस तरह बेखौफ होकर बल्लेबाजी की, उससे साफ नजर आया कि उन्होंने अपनी कही बात को मैदान पर उतार दिया.
19 गेंदों में 45 रन बनाकर मचाया धमाल
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को वैभव सूर्यवंशी ने तेज शुरुआत दिलाई. उन्होंने महज 19 गेंदों पर 45 रन ठोककर न्यूजीलैंड के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया. दूसरे छोर पर मौजूद अभिषेक शर्मा ने भी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी. दोनों की ताबड़तोड़ शुरुआत ने भारत के लिए बड़े लक्ष्य का पीछा करना आसान बना दिया.
हालांकि, मैच के आंकड़ों और नतीजे से जुड़ी जानकारी की पुष्टि जरूरी है. दिए गए विवरण के मुताबिक भारत ने 199 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए हेनरी स्टेडियम में 13.2 ओवर में छह विकेट से जीत हासिल की.
वैभव की आक्रामकता से अभिषेक का भी बढ़ा आत्मविश्वास
अभिषेक शर्मा ने यह भी बताया कि पारी की शुरुआत में वैभव का निडर अंदाज उनके लिए काफी मददगार रहा. जब किसी बड़े लक्ष्य का पीछा करना होता है, तो शुरुआती ओवरों में तेजी से रन बनाना विपक्षी टीम पर दबाव डालने के लिए अहम होता है. खासकर जब सामने विरोधी टीम का मुख्य तेज गेंदबाज हो, तब पहली गेंद से आक्रामक रुख अपनाना बड़ा संदेश देता है.
अभिषेक ने बताया कि वह नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़े होकर वैभव की बल्लेबाजी देख रहे थे. युवा बल्लेबाज के आत्मविश्वास और पहली गेंद से आक्रमण करने के इरादे ने उनका भी हौसला बढ़ाया. इस तरह वैभव की निडर बल्लेबाजी का असर केवल स्कोरबोर्ड पर ही नहीं, बल्कि दूसरे छोर पर खड़े अभिषेक के आत्मविश्वास पर भी पड़ा.