भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज का आगाज बुधवार 4 नवंबर को ऑकलैंड में होने जा रहा है. 15 नवंबर तक चलने वाली इस सीरीज में रोहित शर्मा, विराट कोहली, शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर जैसे दिग्गज भारतीय खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे. इस बार टीम इंडिया की कप्तानी की जिम्मेदारी दो खिलाड़ियों के कंधों पर होगी. शुभमन गिल शुरुआती तीन मुकाबलों में भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे, जबकि आखिरी दो मैचों में श्रेयस अय्यर कप्तान की भूमिका निभाएंगे.
गिल भारत की टेस्ट और वनडे टीम के नियमित कप्तान हैं. हालांकि, न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के पहले तीन मैच खेलने के बाद वह टेस्ट सीरीज की तैयारियों में जुट जाएंगे. भारत और न्यूजीलैंड के बीच टेस्ट सीरीज 19 नवंबर से शुरू होनी है. ऐसे में चौथे और पांचवें वनडे में अय्यर टीम की कमान संभालेंगे. वह वनडे फॉर्मेट में भारत के नियमित उपकप्तान हैं.
गिल और अय्यर के सामने 50 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ने का मौका
न्यूजीलैंड के खिलाफ यह वनडे सीरीज शुभमन गिल और श्रेयस अय्यर के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी खास हो सकती है. दोनों कप्तानों के पास ऐसा कारनामा करने का मौका है, जो पिछले करीब पांच दशकों से कोई भारतीय कप्तान नहीं कर पाया है. दरअसल, न्यूजीलैंड की धरती पर अब तक किसी भी भारतीय कप्तान ने वनडे शतक नहीं लगाया है. भारत ने 1976 से न्यूजीलैंड में वनडे क्रिकेट खेलना शुरू किया था, लेकिन आज तक कोई कप्तान इस रिकॉर्ड को नहीं बदल सका.
गिल पहली बार न्यूजीलैंड में वनडे टीम की कप्तानी करते दिखाई देंगे. उन्होंने साल 2019 में इसी देश में अपना वनडे डेब्यू किया था. इसके बाद वह 2022 में भी न्यूजीलैंड दौरे पर वनडे सीरीज का हिस्सा रहे. अब उनके पास कप्तान के रूप में शतक लगाकर इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने का अवसर होगा.
दूसरी ओर, श्रेयस अय्यर भी न्यूजीलैंड में वनडे क्रिकेट खेलने का अनुभव रखते हैं. वह 2020 और 2022 में यहां वनडे सीरीज खेल चुके हैं. दोनों दौरों पर उन्होंने तीन-तीन मुकाबले खेले थे. अब 31 वर्षीय अय्यर को पहली बार न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे टीम की कप्तानी करने का मौका मिलेगा. वह भारतीय टी20 टीम के भी कप्तान हैं.
रोहित और विराट ने शुरू की तैयारी
इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली पर भी सभी की नजरें रहेंगी. दोनों अनुभवी बल्लेबाज आगामी मुकाबलों के लिए नेट्स में जमकर अभ्यास कर रहे हैं. न्यूजीलैंड का यह दौरा उनके लिए 2027 वनडे वर्ल्ड कप से पहले अपनी लय और फॉर्म को मजबूत करने का अहम मौका होगा. करियर के आखिरी दौर में होने के बावजूद दोनों खिलाड़ी वनडे फॉर्मेट में भारतीय टीम की योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.