IND vs PAK, No Handshake: भारतीय टीम ने पाकिस्तान को एशिया कप के छठे मैच में पराजित कर दिया. इसके बाद इंडिया के प्लेयर्स ने पाकिस्तान टीम से हाथ नहीं मिलाया और वो ड्रेसिंग रूम वापस लौट गए. अब ये विवाद काफी ज्यादा चर्चा का विषय बना गया है. पाकिस्तान टीम नो हैंडशेक से निराश हैं और उन्होंने मैच रेफरी को इसी वजह से शिकायत कर दी. सवाल ये खड़ा होता है कि भारतीय टीम को इससे समस्या होगी, या नहीं. ICC की रूल बुक में इस चीज का जिक्र है.
पाकिस्तान टीम ने की शिकायत
भारतीय टीम द्वारा हाथ नहीं मिलाए जाने से पाकिस्तान को बेइज्जती महसूस हुई. इसी वजह से टीम के मैनेजर नवीद अख्तर चीमा ने टीम इंडिया के खिलाफ शिकायत दर्ज की है और बताया कि उन्होंने हाथ नहीं मिलाकर खेल भावना को ठेस पहुंचाई है. उन्होंने मैच रेफरी एंडी पीक्रॉफ्ट को इस बारे में बताया है. बता दें कि एंडी ने मैच से पहले टॉस के दौरान दोनों देशों के कप्तान को हाथ नहीं मिलाने के लिए कहा था. मैच के बाद पाक खिलाड़ी, टीम इंडिया से हैंडशेक की उम्मीद कर रहे थे लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ.
क्या हैंडशेक है जरुरी?
मैच के बाद अमूमन दोनों टीमों के खिलाड़ी हाथ मिलाते हैं. वो ये काम एक-दूसरे के सम्मान और खेल भावना को ध्यान में रखते हुए करते हैं. हालांकि, ICC के नियमों में ये बात कहीं पर नहीं लिखी गई है कि हैंडशेक जरुरी नहीं है. अंपायर और प्लेयर्स मुकाबले के बाद सिर्फ खेल भावना के लिए ही ऐसा हैं और ये परंपरा का हिस्सा बन गया है. हालांकि, ICC का कोई हार्ड रूल नहीं है. ऐसे में भारतीय टीम पर टेंशन लेने की जरूरत नहीं है.
हैंडशेक को लेकर क्या है नियम?
हैंडशेक जरुरी नहीं है लेकिन इस बात को खेल भावना के खिलाफ माना जा सकता है. ICC कोड ऑफ कंडक्ट के 2.1.8 अनुछेद के हिसाब से देखा जाए, तो अगर खेल भावना को आहत पहुंचाने वाला कोई कार्य होता है, तो फिर इसकी सजा को दो लेवल पर बांटा गया है. अगर कोई लेवल 1 की गलती करता है, तो उसे चेतावनी देकर छोड़ दिया जा सकता है या फिर उनपर 2000 डॉलर्स तक फाइन लग सकता है. अगर लेवल 2 का अपराध साबित होता है, तो फिर 100% मैच फीस लगती है और डिमेरिट पॉइंट भी दिए जा सकते हैं.