IND vs ENG: टीम इंडिया अब इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टी-20 मैच की तैयारी कर रही है. मैनचेस्टर में होने वाले इस मुकाबले में टीम इंडिया के ऊपर अच्छा प्रदर्शन करने का बहुत ज्यादा दबाव है. ऐसे में सभी फैंस का सबसे बड़ा सवाल ये हैं कि क्या 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को दूसरे टी-20 मैच में इंटरनेशनल डेब्यू करने का मौका मिलेगा या नहीं? प्री मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है. उनके बयान से अब सनसनी मच गई है.
संजू सैमसन को लेकर बोले गेंदबाजी कोच
इंग्लैंड और टीम इंडिया के बीच होने वाले दूसरे टी-20 मुकाबले के प्री मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्केल आए थे. जहां पर उन्होंने के संजू सैमसन को बैक करने के सवाल पर कहा, ‘हमें इस बात का सम्मान करना चाहिए कि हमारे पास अभिषेक शर्मा के रूप में टी20 क्रिकेट का नंबर एक बल्लेबाज है. वहीं संजू विश्व कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं. संजू का आईपीएल में भी प्रदर्शन शानदार रहा था. ऐसे में कोचिंग स्टाफ के तौर पर खिलाड़ियों पर भरोसा जताना और उनका समर्थन करना उचित है. हां, एक युवा खिलाड़ी दरवाजे पर दस्तक दे रहा है और यह उत्साहजनक है. मेरा मानना है कि केवल इन दोनों खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी टीम के लिए यह अच्छा संकेत है कि हम अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े हैं और उन पर भरोसा करते हैं.’
वैभव सूर्यवंशी की तारीफ करते हुए मोर्के मोर्केल ने कहा, ‘उसने टीम में बहुत अच्छी तरह खुद को शामिल किया है. अगर आप खिलाड़ियों के इंस्टाग्राम देखें तो उसके साथ काफी तस्वीरें साझा की जा रही हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 15 साल की उम्र में नेट्स पर अभ्यास करना किसी के लिए भी दबाव वाला अनुभव हो सकता है. जितने भी नेट सत्र हुए हैं, उनमें उसने काफी प्रभावित किया है. हम सभी उत्साहित हैं कि मौका मिलने पर वह कैसा प्रदर्शन करेगा. मुझे पूरा विश्वास है कि मौका मिलने पर वह पूरी तरह तैयार होगा. टीम में घुलने-मिलने की उसकी प्रक्रिया भी बेहद सहज रही है.’
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वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू पर बोले मोर्ने मोर्केल
15 साल के वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को लेकर बात करते हुए मोर्ने मोर्केल ने कहा, ‘आखिरकार सबसे महत्वपूर्ण बात प्रदर्शन करना है, लेकिन हम केवल बदलाव के लिए खिलाड़ियों को उनकी स्वाभाविक बल्लेबाजी स्थिति से हटाना नहीं चाहते. इसलिए यह इतना आसान नहीं है कि कह दें, चलिए, सूर्यवंशी को खिला देते हैं. हमें उन खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखना होगा जिन्होंने विश्व कप जीते हैं और कठिन परिस्थितियों में टीम के लिए शानदार प्रदर्शन किया है. इसके बाद ही हम परिस्थितियों के अनुसार अपने शीर्ष बल्लेबाजी क्रम को और मजबूत बनाने की दिशा में काम करेंगे.’
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