IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती. पहले मुकाबले से पहले टीम इंडिया ने ऑकलैंड के ईडन पार्क में जमकर अभ्यास किया. इस दौरान खिलाड़ियों का सबसे ज्यादा ध्यान फील्डिंग पर रहा. टीम के खिलाड़ियों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटकर विशेष ड्रिल कराई गई. इसमें उन्हें मैदान के दो अलग-अलग कोनों के बीच दौड़ लगानी थी और फील्डिंग कोच सुभदीप घोष समेत सपोर्ट स्टाफ की ओर से फेंकी गई गेंदों को रोकना था.
टीम इंडिया के लिए क्या रहने वाली है चुनौती?
ऑकलैंड में टीम इंडिया के लिए फील्डिंग आसान नहीं रहने वाली है. ईडन पार्क की बनावट दूसरे मैदानों से काफी अलग है. यहां की फ्लडलाइट्स और मैदान के आयाम खिलाड़ियों के लिए नई चुनौती पेश कर सकते हैं. खासतौर पर बाउंड्री के नजदीक और मैदान के गहरे हिस्सों में गेंद का पीछा करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे क्षेत्रों में बल्लेबाजों को दो रन लेने के ज्यादा मौके मिलते हैं.
भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने भी इस मैदान की चुनौतियों पर अपनी राय रखी. उनके मुताबिक, यहां गेंद को रोकने के लिए सही एंगल से दौड़ना बेहद जरूरी है. खिलाड़ियों को गेंद की रफ्तार और मैदान की दूरी का अंदाजा लगाकर सीधे उसकी तरफ बढ़ना होगा. इसके लिए अच्छी फिटनेस, तेजी और गेंद के करीब पहुंचकर तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता जरूरी है.
फील्डिंग में सुधार करना टीम इंडिया की प्राथमिकता
ऑकलैंड का मौसम भी भारतीय खिलाड़ियों की परीक्षा ले सकता है. यहां तेज हवा और ठंड के साथ मैच का समय भी फील्डिंग को प्रभावित कर सकता है. टीम को बुधवार के मुकाबले से पहले केवल एक अभ्यास सत्र मिला है, इसलिए मैदान की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना काफी अहम होगा.
भारत की कैचिंग एफिशिएंसी भी चिंता का विषय
भारतीय टीम का वनडे में फील्डिंग प्रदर्शन टी20 और टेस्ट के मुकाबले बेहतर रहा है, लेकिन हालिया आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे से लेकर अब तक खेले गए 18 वनडे मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 27 कैच छोड़े हैं. इस दौरान टीम की कैचिंग एफिशिएंसी 77.5 प्रतिशत रही.
इस सूची में कुलदीप यादव ने 11 मैचों में पांच कैच छोड़े हैं, जबकि केएल राहुल 16 मैचों में चार मौके गंवा चुके हैं. दूसरी तरफ रोहित शर्मा का प्रदर्शन बेहतर रहा है. उन्होंने इन 18 मुकाबलों में 15 कैच पकड़े और सिर्फ दो कैच छोड़े. ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारतीय टीम को अपनी फील्डिंग पर खास ध्यान देना होगा.