IND vs NZ: ऑकलैंड में टीम इंडिया के लिए फील्डिंग बनी सबसे बड़ी चुनौती, जानें क्या है वजह

न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले टीम इंडिया के सामने ऑकलैंड के ईडन पार्क में फील्डिंग सबसे बड़ी चुनौती होगी. मैदान की अलग बनावट, तेज हवा और ठंड को देखते हुए खिलाड़ियों ने विशेष अभ्यास किया. वहीं, पिछले 18 वनडे में भारत ने 27 कैच छोड़े हैं और उसकी कैचिंग एफिशिएंसी 77.5 प्रतिशत रही है.

IND vs NZ/ Image Source: ANI

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IND vs NZ: न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने से पहले भारतीय टीम अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती. पहले मुकाबले से पहले टीम इंडिया ने ऑकलैंड के ईडन पार्क में जमकर अभ्यास किया. इस दौरान खिलाड़ियों का सबसे ज्यादा ध्यान फील्डिंग पर रहा. टीम के खिलाड़ियों को चार अलग-अलग ग्रुप में बांटकर विशेष ड्रिल कराई गई. इसमें उन्हें मैदान के दो अलग-अलग कोनों के बीच दौड़ लगानी थी और फील्डिंग कोच सुभदीप घोष समेत सपोर्ट स्टाफ की ओर से फेंकी गई गेंदों को रोकना था.

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टीम इंडिया के लिए क्या रहने वाली है चुनौती?

ऑकलैंड में टीम इंडिया के लिए फील्डिंग आसान नहीं रहने वाली है. ईडन पार्क की बनावट दूसरे मैदानों से काफी अलग है. यहां की फ्लडलाइट्स और मैदान के आयाम खिलाड़ियों के लिए नई चुनौती पेश कर सकते हैं. खासतौर पर बाउंड्री के नजदीक और मैदान के गहरे हिस्सों में गेंद का पीछा करना मुश्किल हो सकता है. ऐसे क्षेत्रों में बल्लेबाजों को दो रन लेने के ज्यादा मौके मिलते हैं.

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भारत के पूर्व फील्डिंग कोच आर श्रीधर ने भी इस मैदान की चुनौतियों पर अपनी राय रखी. उनके मुताबिक, यहां गेंद को रोकने के लिए सही एंगल से दौड़ना बेहद जरूरी है. खिलाड़ियों को गेंद की रफ्तार और मैदान की दूरी का अंदाजा लगाकर सीधे उसकी तरफ बढ़ना होगा. इसके लिए अच्छी फिटनेस, तेजी और गेंद के करीब पहुंचकर तुरंत प्रतिक्रिया देने की क्षमता जरूरी है.

फील्डिंग में सुधार करना टीम इंडिया की प्राथमिकता

ऑकलैंड का मौसम भी भारतीय खिलाड़ियों की परीक्षा ले सकता है. यहां तेज हवा और ठंड के साथ मैच का समय भी फील्डिंग को प्रभावित कर सकता है. टीम को बुधवार के मुकाबले से पहले केवल एक अभ्यास सत्र मिला है, इसलिए मैदान की परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना काफी अहम होगा.

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भारत की कैचिंग एफिशिएंसी भी चिंता का विषय

भारतीय टीम का वनडे में फील्डिंग प्रदर्शन टी20 और टेस्ट के मुकाबले बेहतर रहा है, लेकिन हालिया आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं. पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे से लेकर अब तक खेले गए 18 वनडे मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 27 कैच छोड़े हैं. इस दौरान टीम की कैचिंग एफिशिएंसी 77.5 प्रतिशत रही.

इस सूची में कुलदीप यादव ने 11 मैचों में पांच कैच छोड़े हैं, जबकि केएल राहुल 16 मैचों में चार मौके गंवा चुके हैं. दूसरी तरफ रोहित शर्मा का प्रदर्शन बेहतर रहा है. उन्होंने इन 18 मुकाबलों में 15 कैच पकड़े और सिर्फ दो कैच छोड़े. ऐसे में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में भारतीय टीम को अपनी फील्डिंग पर खास ध्यान देना होगा.

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लेखक के बारे में

Alsaba Zaya

Alsaba Zaya

झारखंड के हुसैनाबाद के अलसबा जया न्यूज 24 में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. खेल पत्रकारिता में लगभग 4 साल का अनुभव रखने वाले अलसबा ने अब तक क्रिकेट के कई बड़े टूर्नामेंट कवर किए हैं. उन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत स्पोर्ट्सविकी के साथ की. इसके बाद वह सितंबर 2024 से न्यूज 24 का हिस्सा हैं. उन्होंने अपने करियर में वनडे वर्ल्ड कप 2023, आईपीएल 2023, टी-20 वर्ल्ड कप 2024, आईपीएल 2024, पेरिस ओलंपिक 2024, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025, आईपीएल 2025, महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025, टी-20 वर्ल्ड कप 2026, आईपीएल 2026 जैसे बड़े टूर्नामेंट कवर किए हैं. क्रिकेट के अलावा उन्हें फुटबॉल और हॉकी पर भी लिखना पसंद है. साल 2022 में उन्होंने आईआईएमटी ग्रुप ऑफ कॉलेज ग्रेटर नोएडा से पत्रकारिता में BJMC की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने कई संस्थानों के लिए कंसल्टेंट के रूप में भी काम किया. अलसबा ने न्यूज 24 के लिए पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरभ तिवारी, लक्ष्मी रतन शुक्ला का इंटरव्यू किया है. अलसबा खुद भी एक प्रोफेशनल क्रिकेटर रह चुके हैं. उन्होंने झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (JSCA) की ओर से आयोजित अंडर-19 टूर्नामेंट खेला है. वहीं, दिल्ली स्थित सोनट क्रिकेट क्लब में भी वह कोच दिवंगत तारक सिन्हा की अगुवाई में ट्रेनिंग ले चुके हैं.
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